YouTube ने क्रिएटर्स के लिए अपने प्लेटफॉर्म पर कई नए फीचर्स का ऐलान किया है। कंपनी ने Made on YouTube इवेंट में वीडियो बनाने से लेकर एडिटिंग, कमेंट मैनेजमेंट और क्रिएटर की पहचान सुरक्षित रखने तक के लिए नए टूल्स पेश किए हैं। इनमें कई AI आधारित फीचर्स शामिल हैं, जिन्हें YouTube Studio, Shorts और YouTube Create ऐप में जोड़ा जाएगा।
ड्राफ्ट वीडियो पर मिलेगा पर्सनलाइज्ड फीडबैक/Photo-Youtube
वीडियो रिसर्च में मदद करेगा नया AI टूल
YouTube Studio में Insights और Research सेक्शन को नए तरीके से अपडेट किया जा रहा है। इन फीचर्स की मदद से क्रिएटर्स अपने पुराने वीडियो के प्रदर्शन को समझ सकेंगे और यह पता लगा सकेंगे कि कौन-से वीडियो उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनसे क्रिएटर्स को ऐसे वीडियो आइडिया खोजने में भी मदद मिलेगी, जिन्हें भविष्य के कंटेंट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी पुराने कंटेंट के प्रदर्शन से नए वीडियो की प्लानिंग करना आसान होगा।
ड्राफ्ट वीडियो पर मिलेगा पर्सनलाइज्ड फीडबैक
YouTube Studio में क्रिएटर्स को उनके ड्राफ्ट वीडियो पर पर्सनलाइज्ड फीडबैक देने वाला फीचर भी मिलेगा। यह वीडियो की pacing, structure और storytelling जैसे पहलुओं का विश्लेषण कर सुझाव देगा। इसके अलावा क्रिएटर्स अपने चैनल की स्टाइल के मुताबिक थंबनेल भी तैयार कर सकेंगे। Dynamic thumbnails फीचर अलग-अलग ऑडियंस सेगमेंट के लिए अलग थंबनेल विकल्प सुझा सकेगा।
एक साथ 3 वीडियो कट का कर सकेंगे टेस्ट
YouTube वीडियो के लिए A/B टेस्टिंग फीचर भी ला रहा है। इसकी मदद से क्रिएटर्स एक ही वीडियो के तीन अलग-अलग कट या ओपनिंग को टेस्ट कर सकेंगे और देख सकेंगे कि दर्शक किस शुरुआत पर बेहतर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
कंपनी के मुताबिक, 2024 में टाइटल और थंबनेल A/B टेस्टिंग फीचर लॉन्च होने के बाद से क्रिएटर्स 4 करोड़ से ज्यादा टेस्ट कर चुके हैं। Ask Studio पुराने वीडियो का विश्लेषण करके उनके लिए नए थंबनेल का सुझाव भी दे सकेगा।
Gemini की मदद से आसान होगी वीडियो एडिटिंग
YouTube Shorts और YouTube Create ऐप में Gemini आधारित conversational editing assistant भी लाया जा रहा है। क्रिएटर्स इसमें अपने निर्देश देकर वीडियो एडिट कर सकेंगे। चैट इंटरफेस के जरिए फ्रेम को दोबारा व्यवस्थित करने, क्लिप को ट्रिम करने और म्यूजिक को वीडियो के साथ सिंक करने जैसे काम किए जा सकेंगे। इसके बाद क्रिएटर जरूरत के अनुसार मैनुअल टाइमलाइन एडिटिंग पर वापस जा सकेगा।
AI कमेंट मॉडरेशन और पहचान की सुरक्षा
YouTube AI आधारित कमेंट मॉडरेशन फीचर की भी टेस्टिंग कर रहा है। यह ऑप्ट-इन फीचर क्रिएटर के मॉडरेशन स्टाइल को समझकर उसी के आधार पर कमेंट को मैनेज करने में मदद करेगा। क्रिएटर्स की पहचान सुरक्षित रखने के लिए YouTube अपने likeness detection टूल्स का विस्तार कर रहा है। कंपनी के मुताबिक, speaking voice detection को facial detection के साथ इस साल के अंत में जोड़ा जाएगा।
Shorts में आया Series फीचर
YouTube Shorts में अब Series फॉर्मेट भी पेश किया जा रहा है। इसके जरिए क्रिएटर्स अपने Shorts को अलग-अलग सीजन और एपिसोड में व्यवस्थित कर सकेंगे। इससे दर्शक किसी कहानी या कंटेंट सीरीज को लगातार फॉलो कर पाएंगे।
Series क्रिएटर के चैनल पर दिखाई देगी और इसमें कस्टम थंबनेल का सपोर्ट मिलेगा। इसे वेब, मोबाइल और कनेक्टेड टीवी पर भी देखा जा सकेगा। YouTube ने इसके अलावा Ask YouTube के conversational search फीचर में शॉपिंग से जुड़े नए विकल्प जोड़ने की भी घोषणा की है।
