ऑपरेशन सिंदूर : IAF के प्रहार के आगे फुस्स हुए चीन के हथियार, 'ड्रैगन' की डिफेंस तकनीक की खुल गई पोल

पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ हुए Operation Sindoor ने उस पुरानी कहावत को साबित कर दिया था कि युद्ध खुद के दम पर लड़ा जाता है, किसी के भरोसे नहीं। पाकिस्तान को स्वदेशी हथियारों ने धूल चटा दी।

पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ हुए “ऑपरेशन सिंदूर” ने आधुनिक युद्ध की दिशा और सोच दोनों को नए सिरे से परिभाषित कर दिया है। इस ऑपरेशन में भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक और पाकिस्तान के पास मौजूद चीन निर्मित हथियारों के बीच अप्रत्यक्ष टकराव देखने को मिला। सरकारी दावों के मुताबिक यह मिशन मात्र 23 मिनट में पूरा कर लिया गया, जो भारतीय सशस्त्र बलों की तकनीकी क्षमता और समन्वय को दर्शाता है।

Operation Sindoor

चीन के हथियार vs भारत की स्वदेशी टेक्नोलॉजी: ऑपरेशन सिंदूर में किसने मारी बाजी?

क्यों करना पड़ा ऑपरेशन सिंदूर?

दरअसल 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था जिसमें 26 निहत्थे लोगों की हत्या कर दी गी थी। यह आतंकी हमला पाकिस्तान प्रायोजित था। इस हमले के बाद भारत ने 7 मई को एक संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया। इसमें थलसेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर आतंकी ढांचे को निशाना बनाया। खास बात यह रही कि यह कार्रवाई नियंत्रण रेखा (LoC) या अंतरराष्ट्रीय सीमा पार किए बिना की गई, जिससे इसकी रणनीतिक सटीकता स्पष्ट होती है।

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