Physical AI : जापान की प्रमुख दूरसंचार और टैक्नोलॉजी कंपनी फुजित्सु ने अमेरिकी चिप निर्माता एनवीडिया (NVIDIA) के साथ मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) के क्षेत्र में एक बड़ी पहल की घोषणा की है। इस साझेदारी का उद्देश्य जापान की मजबूत रोबोटिक्स क्षमता को अत्याधुनिक एआई तकनीक के साथ जोड़ना है। इससे ऐसे स्मार्ट रोबोट तैयार किए जाएंगे, जो केवल तय किए गए आदेशों का पालन ही नहीं करेंगे, बल्कि अपने आसपास की परिस्थितियों को समझकर खुद भी फैसले ले सकेंगे।
AI की अगली छलांग: फुजित्सु और एनवीडिया बनाएंगे ऐसे रोबोट जो खुद समझेंगे और काम करेंगे
क्या है फिजिकल एआई?
फिजिकल एआई (Physical AI) ऐसी तकनीक है, जिसमें रोबोट केवल मशीन की तरह काम नहीं करते, बल्कि वे अपने आसपास के माहौल को समझते हैं, स्थिति का विश्लेषण करते हैं और उसी के अनुसार निर्णय भी लेते हैं। पारंपरिक रोबोट पहले से दिए गए निर्देशों के अनुसार ही काम करते हैं, लेकिन फिजिकल एआई से लैस रोबोट नई परिस्थितियों में भी खुद को ढाल सकते हैं। ऐसे रोबोट कारखानों में उत्पादन बढ़ाने, अस्पतालों में मरीजों की मदद करने, घरों में बुजुर्गों की देखभाल करने और कई अन्य कामों में इंसानों के साथ सुरक्षित तरीके से काम कर सकेंगे। यही वजह है कि इसे रोबोटिक्स की अगली बड़ी क्रांति माना जा रहा है।
टोक्यो में हुई बड़ी घोषणा
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक इस नई पहल की घोषणा गुरुवार को जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की गई। इस मौके पर एनवीडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जेनसन हुआंग और फुजित्सु के सीईओ ताकाहितो तोकिता मौजूद रहे। कार्यक्रम में जापान की प्रमुख औद्योगिक रोबोट निर्माता कंपनियों फैनुक कॉर्प, यास्कावा इलेक्ट्रिक कॉर्प और कावासाकी हेवी इंडस्ट्रीज के प्रमुख अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। इससे साफ है कि जापान इस परियोजना को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
पिछले साल हुए समझौते का मिला विस्तार
दरअसल, एनवीडिया और फुजित्सु के बीच पिछले वर्ष एआई तकनीक के विकास को लेकर एक समझौता हुआ था। अब उसी समझौते को आगे बढ़ाते हुए दोनों कंपनियों ने फिजिकल एआई आधारित रोबोट विकसित करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इस परियोजना में एनवीडिया अपनी अत्याधुनिक एआई और कंप्यूटिंग तकनीक उपलब्ध कराएगी, जबकि फुजित्सु और जापान की अन्य रोबोटिक्स कंपनियां इन तकनीकों का उपयोग करके नए स्मार्ट रोबोट तैयार करेंगी।
जापान की सबसे बड़ी चुनौती का मिलेगा समाधान
जापान इस समय तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी और श्रमिकों की कमी जैसी बड़ी समस्याओं का सामना कर रहा है। देश में काम करने वाले लोगों की संख्या लगातार घट रही है, जिससे उद्योगों और सेवा क्षेत्रों में कर्मचारियों की कमी महसूस की जा रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिजिकल एआई से लैस रोबोट इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकते हैं। ये रोबोट कारखानों में उत्पादन कार्य संभाल सकते हैं, अस्पतालों में मरीजों की सहायता कर सकते हैं और अकेले रहने वाले बुजुर्गों की देखभाल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे मानव श्रमिकों पर बोझ कम होगा और कई जरूरी सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेंगी।
एनवीडिया के सीईओ ने क्या कहा?
एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग ने कहा कि फिजिकल एआई जापान के लिए बेहद उपयुक्त तकनीक है। उनका कहना है कि जापान लंबे समय से उच्च गुणवत्ता वाले विनिर्माण और रोबोटिक्स के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि स्वतंत्र रूप से चलने-फिरने वाले रोबोट यदि सही तरीके से विकसित नहीं किए गए तो वे खतरनाक भी साबित हो सकते हैं। इसलिए ऐसे रोबोट बनाने में उच्च गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीय तकनीक सबसे महत्वपूर्ण होगी।
कब तक आम लोगों को मिलेंगे ये स्मार्ट रोबोट?
हालांकि फुजित्सु और एनवीडिया ने इस परियोजना की घोषणा कर दी है, लेकिन कंपनियों ने अभी यह नहीं बताया है कि फिजिकल एआई से लैस रोबोट आम लोगों के लिए कब तक उपलब्ध होंगे। फिलहाल इनकी तकनीक पर काम जारी है और इन्हें सुरक्षित तथा भरोसेमंद बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जापान में तेजी से बढ़ रही है एनवीडिया की मौजूदगी
सिलिकॉन वैली स्थित एनवीडिया जापान में लगातार अपने कारोबार का विस्तार कर रही है। कंपनी ने देश के कई बड़े बैंकों, वाहन निर्माता टोयोटा मोटर, वीडियो गेम कंपनी सेगा और राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान रिकेन सहित कई प्रमुख संस्थानों के साथ साझेदारी की है। माना जा रहा है कि इन सहयोगों के जरिए जापान में एआई और रोबोटिक्स तकनीक को नई गति मिलेगी और आने वाले वर्षों में स्मार्ट रोबोट आम जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं।
