मोबाइल रिचार्ज और ऑनलाइन बिल पेमेंट करने वाले करोड़ों यूजर्स को सरकार ने बड़ी राहत दी है। NPCI की ओर से जारी UPI के Frequently Asked Questions (FAQs) में साफ किया गया है कि UPI ऐप प्रोवाइडर्स किसी भी UPI पेमेंट पर प्लेटफॉर्म फीस या कोई अन्य चार्ज नहीं लगा सकते। ऐसे में मोबाइल रिचार्ज या बिल पेमेंट पर अब लगने वाली प्लेटफॉर्म फीस पर पूरी तरह से खत्म होने वाली है।
UPI यूजर्स को क्या फायदा होगा?
2021 से मोबाइल रिचार्ज पर लग रही थी फीस
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोबाइल रिचार्ज पर अतिरिक्त चार्ज लेने का चलन नया नहीं है। अक्टूबर 2021 में PhonePe ने कुछ यूजर्स से मोबाइल रिचार्ज पर प्रोसेसिंग फीस लेना शुरू किया था। उस समय ₹50 से ₹100 तक के रिचार्ज पर ₹1 और ₹100 से ज्यादा के रिचार्ज पर ₹2 फीस ली जा रही थी। PhonePe ने इसे छोटे स्तर का प्रयोग बताया था, हालांकि बाद में इसे पूरी तरह से लागू कर दिया गया।
इसके बाद दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर भी मोबाइल रिचार्ज और बिल पेमेंट से जुड़े अलग-अलग शुल्क देखने को मिले। जून 2022 के बाद से Paytm ने भी कुछ यूजर्स से मोबाइल रिचार्ज पर ₹1 से ₹6 तक का सरचार्ज लेना शुरू किया था। आमतौर पर जब हम गूगल पे के जरिए 200 रुपये का रिचार्ज कराते हैं तो हमें 201.90 रुपये का पेमेंट करना होता है, क्योंकि 1.90 रुपये प्लेटफॉर्म फीस लगता है, लेकिन अब यह बंद हो सकता है।
वर्तमान में Google Pay के अपने हेल्प पेज पर भी मोबाइल रिचार्ज के लिए प्लेटफॉर्म फीस की जानकारी दी गई है। वहीं Google Pay यह स्पष्ट करता है कि बैंक अकाउंट से UPI के जरिए मोबाइल रिचार्ज पर सुविधा शुल्क नहीं लगाया जाता, जबकि कुछ अन्य भुगतान माध्यमों पर चार्ज लग सकता है।
NPCI FAQ में क्या कहा गया है?
NPCI के FAQ में सवाल पूछा गया है कि क्या UPI ऐप्स UPI पेमेंट पर प्लेटफॉर्म फीस लेना शुरू करेंगे। इसके जवाब में कहा गया है कि नहीं। UPI ऐप प्रोवाइडर्स UPI के जरिए किए गए किसी भी पेमेंट पर प्लेटफॉर्म फीस या कोई अन्य शुल्क नहीं ले सकते। यानी सिर्फ UPI ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करने के नाम पर ऐप यूजर से अलग से प्लेटफॉर्म फीस नहीं वसूल सकता। NPCI ने UPI ट्रांजैक्शन पर इस तरह की फीस लगाने पर स्पष्ट रोक की बात कही है।
लेकिन मोबाइल रिचार्ज की फीस को लेकर क्या समझें?
यहां यूजर्स को थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है। अगर किसी ऐप पर मोबाइल रिचार्ज करते समय UPI पेमेंट के नाम पर अलग से प्लेटफॉर्म फीस दिखाई जाती है, तो NPCI के FAQ के संदर्भ में इस पर सवाल उठता है, लेकिन अगर कोई शुल्क रिचार्ज सेवा उपलब्ध कराने से जुड़ा अलग चार्ज है, तो उसके नियम और शर्तें अलग हो सकती हैं।
उदाहरण के लिए, Paytm की मौजूदा शर्तों में रिचार्ज और बिल पेमेंट सेवाओं के लिए प्लेटफॉर्म या सुविधा शुल्क का प्रावधान दर्ज है। वहीं Google Pay भी अपने हेल्प पेज पर मोबाइल रिचार्ज के लिए प्लेटफॉर्म फीस का उल्लेख करता है।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि हर मोबाइल रिचार्ज पर लगने वाला ₹1 से ₹6 तक का हर चार्ज अपने आप खत्म हो गया है। NPCI का स्पष्ट निर्देश UPI पेमेंट पर ऐप प्रोवाइडर द्वारा प्लेटफॉर्म फीस/अन्य चार्ज लगाने से संबंधित है।
UPI यूजर्स को क्या फायदा होगा?
इस बदलाव का सबसे अहम असर UPI पेमेंट की पारदर्शिता पर पड़ सकता है। अगर कोई यूजर मोबाइल रिचार्ज करते समय UPI से भुगतान करता है, तो उसे पेमेंट स्क्रीन पर यह देखना चाहिए कि अतिरिक्त रकम किस लिए ली जा रही है। UPI पेमेंट फीस, मोबाइल रिचार्ज प्लेटफॉर्म फीस और कार्ड पेमेंट की सुविधा फीस अलग-अलग चीजें हो सकती हैं।
2021 से शुरू हुई फीस पर अब नई चर्चा
दिलचस्प बात यह है कि मोबाइल रिचार्ज पर अतिरिक्त शुल्क लेने की शुरुआत UPI के शुरुआती मुफ्त दौर के बाद हुई थी। 2021 में PhonePe के प्रयोग के समय भी कंपनी ने स्पष्ट किया था कि यह फीस UPI से पैसे ट्रांसफर करने पर नहीं, बल्कि मोबाइल रिचार्ज पर लगाई जा रही थी। अब NPCI के FAQ में UPI पेमेंट पर प्लेटफॉर्म फीस को लेकर स्पष्टता आने के बाद यूजर्स के लिए यह समझना और जरूरी हो गया है कि वे किस शुल्क का भुगतान कर रहे हैं और वह किस सेवा के बदले लिया जा रहा है।
