इंटरनेट की दुनिया में सोशल मीडिया की पहुंच अब लगभग हर एक हाथ में है। सोशल मीडिया में आए दिन कुछ न कुछ वायरल होता रहता है। इस बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक हैरान करने वाला दावा किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और WhatsApp पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार के नए Telecommunications Rules 2026 लागू होने के बाद देश में 11 करोड़ टीवी बंद हो जाएंगे और DTH व केबल टीवी के चार्ज 4 से 6 गुना तक बढ़ जाएंगे। अब इस पूरे मामले पर सरकार की तरफ से साफ जवाब दे दिया गया है।
सरकार ने वायरल दावे को पूरी तरह से फेक बताया है।
सोशल मीडिया पर क्या किया जा रहा है दावा?
वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने जो नया ड्राफ्ट जारी किया है, उससे टीवी इंडस्ट्री पर बड़ा संकट आने वाला है। पोस्ट में कहा गया है कि सरकार टीवी ब्रॉडकास्ट और टेलीकॉम कंपनियों के लिए एक जैसे नियम लागू करने जा रही है। इसके चलते कंपनियों को ज्यादा लाइसेंस फीस देनी पड़ेगी, जिसका बोझ सीधे ग्राहकों पर पड़ेगा। दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि DTH और केबल ऑपरेटर अपने रिचार्ज 4 से 6 गुना तक महंगे कर देंगे, लाखों लोगों की नौकरियां चली जाएंगी और करोड़ों टीवी बंद हो जाएंगे।
PIB ने बताया वायरल दावा पूरी तरह फर्जी
सरकारी फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fact Check ने इन सभी दावों को पूरी तरह गलत बताया है। PIB ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर कहा है कि यह दावा पूरी तरह फेक है। सरकार ने ऐसा कोई नियम नहीं बनाया है, जिसमें 11 करोड़ टीवी बंद करने या DTH और केबल टीवी के चार्ज कई गुना बढ़ाने जैसी कोई बात कही गई हो। यानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों पर भरोसा करने की जरूरत नहीं है।
आखिर नए ड्राफ्ट में क्या है?
दरअसल, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने Telecommunications (Television, Radio and Associated Services) Rules, 2026 का सिर्फ ड्राफ्ट जारी किया है। इस ड्राफ्ट पर अभी आम लोगों और संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जा रही हैं। इसके लिए 27 जुलाई 2026 तक का समय दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस ड्राफ्ट का मकसद टीवी और रेडियो से जुड़े अलग-अलग नियमों को एक जगह लाकर उन्हें ज्यादा आसान और व्यवस्थित बनाना है।
क्या बढ़ेगी DTH या केबल की कीमत?
सरकार और PIB दोनों ने साफ कर दिया है कि ड्राफ्ट में कहीं भी DTH या केबल टीवी की फीस बढ़ाने, करोड़ों टीवी बंद करने या किसी तरह का अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का कोई प्रावधान नहीं है। यानी फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सभी दावे सिर्फ अफवाह हैं और उनका सरकारी ड्राफ्ट से कोई लेना-देना नहीं है।
