सोशल मीडिया का इस्तेमाल आज बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोग कर रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद कंटेंट की जिम्मेदारी तय करना और यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है। इसी मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने सोशल मीडिया कंपनियों से अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कंटेंट के प्रति जवाबदेह बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बच्चों की सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कंटेंट की जिम्मेदारी लें: अश्विनी वैष्णव
सोशल मीडिया कंपनियां बनें जिम्मेदार
अश्विनी वैष्णव ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद कंटेंट को लेकर जरूरी कदम उठाने चाहिए। खासतौर पर बच्चों को ऐसे कंटेंट से सुरक्षित रखना जरूरी है, जो उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
एल्गोरिदम में पारदर्शिता की जरूरत
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम में पारदर्शिता लाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों तक उनकी उम्र के अनुरूप कंटेंट पहुंचना चाहिए। इसके लिए कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म पर कंटेंट दिखाने की प्रक्रिया पारदर्शी हो और बच्चों की उम्र को ध्यान में रखा जाए।
डिजिटल अरेस्ट जैसे खतरों पर रोक जरूरी
ऑनलाइन दुनिया में बढ़ते खतरों का जिक्र करते हुए अश्विनी वैष्णव ने डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं को प्रभावी तरीके से रोकने की आवश्यकता बताई। ऐसे ऑनलाइन खतरे नागरिकों की सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकते हैं। इसलिए सोशल मीडिया कंपनियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म को ऐसे मामलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि लोग सुरक्षित तरीके से डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल कर सकें।
शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था हो प्रभावी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर नुकसानदेह कंटेंट के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने की जरूरत भी बताई। नागरिकों के पास ऐसा माध्यम होना चाहिए, जहां वे किसी आपत्तिजनक या नुकसानदेह कंटेंट की शिकायत आसानी से कर सकें।
