Sanchar Saathi Platform : दूरसंचार राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने शुक्रवार को बताया कि दूरसंचार विभाग के ‘संचार साथी’ मंच ने अब तक 20 लाख से अधिक खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह मंच मोबाइल फोन चोरी या खोने की घटनाओं को ट्रैक करने और उन उपकरणों को ब्लॉक करने में मदद करता है, जिससे धोखाधड़ी और गलत उपयोग की संभावनाएं कम होती हैं।
संचार साथी का बड़ा फायदा
33.5 लाख से अधिक फोन हुए ब्लॉक, 4.64 लाख फोन लौटाए गए
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 33.5 लाख मोबाइल फोन ब्लॉक किए जा चुके हैं। इसके अलावा, 20.28 लाख फोन की पहचान की गई है, जिनमें से 4.64 लाख फोन सही मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। मंत्री पेम्मासानी ने एक समीक्षा बैठक के बाद सोशल मीडिया पर बताया कि इस प्रयास की वजह से फोन चोरी और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आई है और डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा मिला है।
धोखाधड़ी रोकने में संचार साथी की भूमिका
संचार साथी ऐप नागरिकों को उनके खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने और पुनः प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है। इसके साथ ही, यह धोखाधड़ी वाले कॉलों की रिपोर्टिंग, धोखाधड़ी वाले मोबाइल कनेक्शन की पहचान और उनकी रोकथाम में भी अहम भूमिका निभाता है। मंत्री ने कहा कि इस ऐप की मदद से मोबाइल धोखाधड़ी पर काबू पाने में काफी मदद मिली है और यह एक सुरक्षित, नागरिक-केंद्रित डिजिटल वातावरण बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
फोन की वसूली दर और नागरिकों के लिए फायदे
सूत्रों के अनुसार, खोए हुए मोबाइल फोन की औसत वसूली दर 22.9 प्रतिशत है, जो एक सकारात्मक संकेत है। इस मंच के जरिए नागरिक आसानी से अपने खोए या चोरी हुए फोन को ट्रैक कर सकते हैं, उन्हें ब्लॉक कर सकते हैं और धोखाधड़ी से बचाव के लिए शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। संचार साथी मंच की इस पहल से देश में डिजिटल सुरक्षा और मोबाइल फोन की चोरी से निपटने की क्षमता मजबूत हुई है। (इनपुट भाषा)
