Digital Payment Frauds in India: भारत में एक साल में ऑनलाइन पेमेंट फ्रॉड के मामले पांच गुना बढ़ गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में एक साल में ऑनलाइन पेमेंट फ्रॉड में ठगों ने 14.57 अरब रुपये उठाए हैं। यह उछाल ऐसे समय में आया है जब 2016 में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस या UPI के लॉन्च के बाद से भारत डिजिटल पेमेंट का एक बड़ा केंद्र बना है, जो यूजर्स को अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके तुरंत पैसे ट्रांसफर करने की अनुमति देता है।
Digital Payment Frauds in India
ऑनलाइन पेमेंट फ्रॉड
भारतीय रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ऑनलाइन पेमेंट फ्रॉड मार्च 2024 को समाप्त वर्ष में पिछली अवधि की तुलना में पांच गुना से अधिक बढ़कर 14.57 बिलियन रुपये (175 मिलियन डॉलर) हो गई। पिछले दो वर्षों में UPI पर पेमेंट का मूल्य 137% बढ़कर 200 ट्रिलियन रुपये हो गया है। इंटरनेट तक सस्ती पहुंच और अधिक वित्तीय समावेशन के कारण भी पूरे देश में ऑनलाइन पेमेंट में वृद्धि हुई है।
क्यों बढ़ रहे ऑनलाइन पेमेंट फ्रॉड के मामले
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के बाद ऑनलाइन पेमेंट करना आसान हो गया है और साइबर ठग ने इस सुविधा का फायदा उठाया है। लोगों के साथ ठगी करने के लिए साइबर ठग नए-नए हथकंडे और तरीके आजमाते हैं। कभी फ्री दिवाली गिफ्ट तो कभी बिजली बिल माफी के नाम पर लोगों को शिकार बनाया जाता है। सिर्फ इतना ही नहीं साइबर ठग अब एआई की मदद से भी ऑनलाइन धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं।
ऑनलाइन फ्रॉड कैसे बचें?
- ऑनलाइन पेमेंट करते समय अपने कार्ड और बैंक अकाउंट की जानकारी सहित अपनी पर्सनल जानकारी किसी के साथ शेयर न करें।
- अपने फोन पर प्राप्त OTP (वन टाइम पासवर्ड) या सीक्रेट कोड किसी के साथ साझा न करें।
- अनजान नंबरों से आने वाले कॉल या मैसेजों पर ध्यान न दें।
- गिफ्ट या रिवार्ड का वादा करने वाले कॉल को अनदेखा करें और अपनी पर्सनल जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- ईमेल या SMS के माध्यम से प्राप्त किसी भी लिंक पर गलती से भी क्लिक न करें।
