इंस्टैंट मल्टीमीडिया मैसेजिंग ऐप Telegram आजकल काफी चर्चा में है। मामला NEET से जुड़ा है। नीट पेपर लीक होने के बाद भारत सरकार ने Telegram पर बैन लगाया, हालांकि आज हम नीट और Telegram के मामले पर नहीं, बल्कि Telegram कंपनी के बारे में बात करेंगे।
न HR, सिर्फ 30 कर्मचारी, दुनियाभर में 1 अरब यूजर्स, कैसे चलता है Telegram का साम्राज्य, कहां से होती है कमाई?
आज के समय में जब दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में हजारों कर्मचारी काम करते हैं, वहीं मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram एक अलग मॉडल के साथ काम कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि 1 अरब से ज्यादा सक्रिय यूजर्स वाले इस प्लेटफॉर्म को चलाने के लिए कंपनी की कोर टीम काफी छोटी है। Telegram के संस्थापक पावेल दुरोव (Pavel Durov) कई बार बता चुके हैं कि कंपनी पारंपरिक तरीके से बड़े HR विभाग और बड़ी मैनेजमेंट टीम के साथ काम नहीं करती।
1 अरब यूजर्स, लेकिन टीम सिर्फ 30 लोगों की
मार्च 2025 में Telegram ने 1 अरब सक्रिय यूजर्स का आंकड़ा पार करने की जानकारी दी थी। कंपनी की वैल्यूएशन करीब 30 अरब डॉलर बताई जाती है, लेकिन इसके बावजूद इसकी मुख्य टीम लगभग 30 लोगों के आसपास है। Telegram का काम करने का तरीका सामान्य टेक कंपनियों से काफी अलग है। कंपनी बड़े ऑफिस, कई स्तरों वाली मैनेजमेंट व्यवस्था और बड़ी HR टीम के बजाय ऑटोमेशन, रिमोट वर्क और कुशल इंजीनियरिंग पर ज्यादा निर्भर करती है।
बिना HR विभाग के कैसे होती है भर्ती?
Telegram में कर्मचारियों की भर्ती का तरीका भी पारंपरिक कंपनियों से अलग है। कंपनी नए टैलेंट को चुनने के लिए ऑनलाइन प्रतियोगिताओं, तकनीकी चुनौतियों और सीधे मूल्यांकन जैसे तरीकों का इस्तेमाल करती है। यहां पारंपरिक HR इंटरव्यू प्रक्रिया की भूमिका काफी सीमित बताई जाती है। कंपनी का मानना है कि छोटी टीम होने से फैसले जल्दी लिए जा सकते हैं और नए फीचर्स को तेजी से विकसित किया जा सकता है।
इतनी छोटी टीम कैसे संभालती है 1 अरब यूजर्स?
Telegram के छोटे स्टाफ के बावजूद इतने बड़े यूजर बेस को संभालने के पीछे कई तकनीकी कारण बताए जाते हैं। कंपनी का सिस्टम बड़े पैमाने पर ऑटोमेशन पर आधारित है। इसके अलावा पूरी तरह रिमोट वर्क कल्चर और फ्लैट ऑर्गेनाइजेशन स्ट्रक्चर भी इसकी कार्यप्रणाली का हिस्सा हैं। कई बैकएंड प्रक्रियाएं, मॉनिटरिंग सिस्टम और सपोर्ट से जुड़े काम ऑटोमेटेड हैं, जिससे कम कर्मचारियों के साथ भी प्लेटफॉर्म का संचालन संभव हो पाता है।
Telegram की कमाई का राज क्या है?
शुरुआत में Telegram मुख्य रूप से संस्थापक दुरोव की फंडिंग से चलता था, लेकिन अब कंपनी ने कमाई के कई रास्ते बना लिए हैं।
सब्सक्रिप्शन
Telegram की कमाई का एक बड़ा हिस्सा Premium Subscription से आता है। इसमें यूजर्स को अतिरिक्त सुविधाएं मिलती हैं, जैसे बड़ी फाइल अपलोड सीमा, तेज डाउनलोड स्पीड और कुछ खास फीचर्स।
विज्ञापन से आय
Telegram सार्वजनिक चैनलों पर सीमित विज्ञापन दिखाता है। कंपनी का कहना है कि निजी चैट में विज्ञापन नहीं दिखाए जाते और यूजर अनुभव को ध्यान में रखकर विज्ञापन व्यवस्था बनाई गई है।
डिजिटल सेवाएं और ब्लॉकचेन
कंपनी ने ब्लॉकचेन आधारित सेवाओं और डिजिटल इकोसिस्टम से जुड़े फीचर्स के जरिए भी अपनी आय बढ़ाने की कोशिश की है।
कितना मुनाफा कमाती है Telegram?
पावेल के अनुसार, Telegram ने 2024 में करीब 547 मिलियन डॉलर का लाभ दर्ज किया। कंपनी ने इससे पहले भी अपनी लाभप्रदता हासिल करने की बात कही थी।
क्या Telegram का मॉडल भविष्य की टेक कंपनियों की दिशा दिखाता है?
Telegram का उदाहरण दिखाता है कि आधुनिक तकनीक, ऑटोमेशन और रिमोट वर्क की मदद से छोटी टीम भी दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाला बड़ा प्लेटफॉर्म चला सकती है, हालांकि इतनी छोटी टीम को लेकर कुछ चुनौतियां भी सामने आती हैं। कई बार कंटेंट मॉडरेशन, कानूनी नियमों का पालन और यूजर सपोर्ट जैसे क्षेत्रों में छोटी टीम पर प्रेशर भी बढ़ सकता है।
