New Rules For Online Gaming: मिनिस्ट्री ऑफ इनेक्ट्रॉनिक्स और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने ऑनलाइन गेमिंग को लेकर नियम जारी कर दिए हैं। इसे लेकर जनवरी में सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग पर ड्राफ्ट रेगुलेशन जारी किया था। सरकार द्वारा ऑनलाइन गेमिंग को लेकर जारी नए नियमों में KYC जरूरी कर दिया गया है, कहने का मतलब अब ऑनलाइन गैंबलिंग या कहें तो गेम खिलाने वाली कंपनी को यूजर्स का KYC करना होगा। कुल मिलाकर अब ऑनलाइन गेमिंग फ्री नहीं रह गया है और कंपनी अगर ऑनलाइन गेमिंग शुरू करना चाहते हैं तो अब आपको सरकार से अनुमति लेनी होगी। अगर सरकार द्वारा नियुक्त इन एसआरओ को लगता है कि गेमिंग कंपनी किसी तरह का जुआ खिला रही है तो उसे परमिशन नहीं दी जाएगी।
SROs को लगता है कि गेमिंग कंपनी किसी तरह का जुआ खिला रही है तो उसे परमिशन नहीं दी जाएगी।
SROs करेंगे इसकी जांच
सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के लिए कई सेल्फ रेगुलेटरी ऑर्गनाइजेशन यानी एसआरओ बनाने वाली है। ये सभी एसआरओ शिक्षाविदों, इंडस्ट्री के रिप्रेजेंटेटिव और अन्य कई विशेषज्ञों को मिलाकर बनाई जाएगी जिनमें चाइल्ड एक्सपर्ट, साइकोलॉजी एक्सपर्ट आदि शामिल हैं। फिलहाल सरकार ने तीन एसआरओ के साथ काम शुरू किया है, लेकिन आगे चलकर इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। सूचना और प्रोद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा, "ये नियम सिर्फ ऑनलाइन जुआ खिलाने वाले गेम्स पर लागू होते हैं, बाकी सभी गेम्स को अनुमति दी जाएगी।"
KYC होगा अनिवार्य
सभी एसआरओ असली पैसों के लेन-देन वाले ऑनलाइन गेम्स को तभी अनुमति देंगे, जब तक ये साबित नहीं हो जाता कि ऑनलाइन गेम किसी तरह का जुआ नहीं खिला रहा है। इसके अलावा आईटी मिनिस्ट्री ने ऑनलाइन गेमर्स के लिए KYC भी अनिवार्य करने का आदेश दिया है। कोई ऑनलाइन गेम जुआ खिला रहा है या नहीं, से फैसला लेने का हक और जिम्मेदारी दोनों ही इन एसआरओ की होगी। ये गेम इंटरनेट पर चलने वाले हैं जिन्हें मोबाइल या कम्प्यूटर से चलाया जाता है। अगर गेम खेलने वाले की उम्र 18 साल से कम है तो यहां उसके माता-पिता की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
