Meta Llama 3 AI Models: मेटा ने अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल, लामा 3 को जारी कर दिया है। मेटा का नया एआई मॉडल लामा 3 8बी और 70बी पैरामीटर की पावर के साथ आता है। कंपनी का कहना है लार्ज लैंग्वेज मॉडल मेटा एआई (Meta AI), लामा 3 अपने पूर्ववर्ती मॉडल की तुलना में बेहतर क्षमताओं के साथ आता है। दिलचस्प बात यह है कि लामा 2 के साथ, सबसे लार्ज मॉडल 70बी था, लेकिन इस बार कंपनी ने कहा कि उसके लार्ज मॉडल में 400 बिलियन से अधिक पैरामीटर होंगे।
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Llama 3 AI: क्या है खासियत?
कंपनी का कहना है कि नया मॉडल लामा 3, Meta AI को नई पावर देगा, जो हाल ही में व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक के लिए भारत में टेस्टिंग के लिए जारी किया है। यह मॉडल सवालों के जवाब देने और कंटेंट संबंधी कई काम कर सकता है। यह आपके लिए मैसेज टाइप कर सकता है, ईमेल लिख सकता है। रियल टाइम की खबरें बता सकता है।
इसकी पावर और परफॉर्मेंस की बात करें तो सोशल मीडिया दिग्गज ने अपने प्री-ट्रेंड और निर्देश मॉडल दोनों के लिए लामा 3 के बेंचमार्क स्कोर साझा किए। प्री-ट्रेंड सामान्य संवादी एआई है जबकि निर्देश मॉडल का उद्देश्य विशिष्ट कार्यों को पूरा करना है। लामा 3 70बी के प्री-ट्रेंड मॉडल ने MMLU यानी मैसिव मल्टी-टास्क लैंग्वेज अंडरस्टैंडिंग (79.5 बनाम 71.8), बिग-बेंच हार्ड (81.3 बनाम 75.0), और DROP (79.7 बनाम 74.1) बेंचमार्क में गूगल के जेमिनी 1.0 प्रो और एमएमएलयू, ह्यूमनएवल और जीएसएम-8के बेंचमार्क में 1.5 प्रो मॉडल को भी पीछे छोड़ दिया।
इन सर्विस में मिलेगा Llama 3 का सपोर्ट
नए फाउंडेशन मॉडल पिछले मॉडल की तरह ही ओपन सोर्स होंगे। मेटा ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा, "लामा 3 मॉडल जल्द ही एडब्ल्यूएस, डेटाब्रिक्स, गूगल क्लाउड, हगिंग फेस, कागल, आईबीएम वॉटसनएक्स, माइक्रोसॉफ्ट एज्योर, एनवीडिया एनआईएम और स्नोफ्लेक पर उपलब्ध होंगे और AWS, Dell, Intel, NVIDIA, और क्वालकॉम और एएमडी द्वारा पेश किए गए हार्डवेयर प्लेटफॉर्म के समर्थन के साथ उपलब्ध होंगे।"
फेसबुक मैसेंजर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप में मिल रहा Meta AI
लिस्ट में सभी प्रमुख क्लाउड, होस्टिंग और हार्डवेयर प्लेटफार्म शामिल हैं, जिससे एआई मॉडल का इस्तेमाल आसान हो जाएगा। इसके अलावा, मेटा ने अपने स्वयं के मेटा एआई के साथ लामा 3 को भी एकीकृत किया है जिसे समर्थित देशों में फेसबुक मैसेंजर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है। हाल ही में यह टेस्टिंग भारत में भी शुरू की गई है।
