एक समय था जब सोशल मीडिया का मतलब Orkut हुआ करता था। खासकर भारत में इस प्लेटफॉर्म की जबरदस्त लोकप्रियता थी। दोस्त बनाना हो, फोटो शेयर करनी हो या अपनी पसंद के लोगों के साथ कम्युनिटी में जुड़ना हो, Orkut युवाओं के बीच काफी मशहूर था, लेकिन Google ने साल 2014 में इसे बंद कर दिया। अब एक दशक से ज्यादा समय बाद Orkut की वापसी की उम्मीद फिर से जगी है। इसके संस्थापक ऑरकुट बुयुक्कोक्टेन ने एक नए सोशल नेटवर्क के लिए लोगों से समर्थन मांगा है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि पुराना Orkut दोबारा शुरू होगा या नए नाम और नए रूप में कोई प्लेटफॉर्म सामने आएगा।
Orkut की वापसी के लिए शुरू हुई मुहिम
Orkut की वापसी के लिए शुरू हुई मुहिम
Orkut के संस्थापक ने अपनी वेबसाइट orkut.com पर एक ऑनलाइन याचिका शुरू की है। इसका मकसद ऐसे सोशल नेटवर्क के लिए समर्थन जुटाना है, जहां लोगों के बीच वास्तविक रिश्तों, दोस्ती और समुदाय को प्राथमिकता दी जाए। संस्थापक का कहना है कि इंटरनेट ऐसा होना चाहिए, जहां लोग सिर्फ कंटेंट देखने या लाइक बढ़ाने के बजाय एक-दूसरे से जुड़ सकें और अपनेपन का एहसास कर सकें।
रिपोर्ट तैयार किए जाने के समय इस याचिका पर 115 देशों के लोगों की ओर से 2.70 लाख से ज्यादा हस्ताक्षर किए जा चुके थे। इससे पता चलता है कि पुराने Orkut को लेकर लोगों में आज भी दिलचस्पी बनी हुई है। हालांकि, हस्ताक्षर जुटने का मतलब यह नहीं है कि प्लेटफॉर्म की वापसी तय हो गई है।
आज के सोशल मीडिया से क्यों निराश हैं Orkut के संस्थापक?
ऑरकुट बुयुक्कोक्टेन ने अपने खुले पत्र में कहा है कि सोशल मीडिया अपने मूल उद्देश्य से दूर चला गया है। उनके मुताबिक, शुरुआत में इंटरनेट पर दूसरे देशों के लोगों से जुड़ना और नए दोस्त बनाना रोमांचक अनुभव होता था। लेकिन अब कई प्लेटफॉर्म लोगों के बीच सार्थक रिश्ते बनाने के बजाय यूजर्स की व्यस्तता और स्क्रीन पर बिताए जाने वाले समय को बढ़ाने पर ध्यान देते हैं।
उन्होंने यह भी चिंता जताई कि एल्गोरिदम आधारित फीड लोगों को लगातार कंटेंट देखने के लिए प्रेरित करती हैं। उनके मुताबिक, इसका असर खासकर युवाओं पर पड़ सकता है, जो अकेलेपन और बेचैनी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
AI और फर्जी कंटेंट से भी बढ़ रही चिंता
Orkut के संस्थापक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल पर भी चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि बॉट्स, डीपफेक और AI से तैयार कंटेंट के कारण इंटरनेट पर यह पहचानना मुश्किल हो सकता है कि बातचीत के दूसरी तरफ असली इंसान है या नहीं।
उनके मुताबिक, सोशल नेटवर्किंग की सबसे अहम बात यही थी कि लोग वास्तविक लोगों से जुड़ सकें। अगर ऑनलाइन बातचीत में भरोसा ही कमजोर पड़ने लगे, तो सोशल मीडिया का मूल उद्देश्य प्रभावित हो सकता है। प्रस्तावित नए नेटवर्क में वास्तविक संपर्क और भरोसे को अहमियत देने की बात कही गई है। हालांकि, इसके फीचर्स और काम करने के तरीके की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
2022 में भी हुई थी Orkut की वापसी की चर्चा
ऐसा पहली बार नहीं है, जब Orkut की वापसी की उम्मीद जगी हो। साल 2022 में भी बुयुक्कोक्टेन ने orkut.com को दोबारा सक्रिय किया था और एक खुले पत्र के जरिए नए सोशल नेटवर्क की संभावना पर बात की थी। उस समय भी उनका जोर लोगों को जोड़ने और सार्थक रिश्तों को बढ़ावा देने पर था। लेकिन उस कोशिश के बाद मूल Orkut प्लेटफॉर्म की वापसी की कोई पुष्टि नहीं हुई।
क्या फिर से इस्तेमाल कर पाएंगे Orkut?
फिलहाल Orkut की वापसी को लेकर कोई आधिकारिक लॉन्च तारीख घोषित नहीं की गई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि नया सोशल नेटवर्क कब तक तैयार होगा और क्या वह पुराने Orkut की तरह ही काम करेगा। अभी वेबसाइट पर लोगों से समर्थन जुटाने की मुहिम चल रही है।
