डेटा सेंटर में विश्वगुरु बनेगा भारत, 2027 तक बढ़कर इतनी हो जाएगी क्षमता

डेटा सेंटर उद्योग में यह मजबूत विस्तार 2024 में 1 गीगावाट के मील के पत्थर को पार करने के बाद हुआ है। उद्योग 2019 से 24 प्रतिशत सीएजीआर का मजबूत प्रदर्शन कर रहा है। जेएलएल की रिपोर्ट के अनुसार, क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स की मांग और तेजी से बढ़ते एआई क्षेत्र द्वारा संचालित यह वृद्धि भारत को ग्लोबल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के परिदृश्य में एक उभरती शक्ति के रूप में स्थापित करती है।

Data Centre India: भारत का डेटा सेंटर उद्योग मजबूत वृद्धि के लिए तैयार है, जिसकी क्षमता 2027 तक 77 प्रतिशत बढ़कर 1.8 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। यह जानकारी बुधवार को आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट में दी गई। डेटा सेंटर उद्योग में यह मजबूत विस्तार 2024 में 1 गीगावाट के मील के पत्थर को पार करने के बाद हुआ है। उद्योग 2019 से 24 प्रतिशत सीएजीआर का मजबूत प्रदर्शन कर रहा है। जेएलएल की रिपोर्ट के अनुसार, क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स की मांग और तेजी से बढ़ते एआई क्षेत्र द्वारा संचालित यह वृद्धि भारत को ग्लोबल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के परिदृश्य में एक उभरती शक्ति के रूप में स्थापित करती है।

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डेटा सेंटर में विश्वगुरु बनेगा भारत

मुंबई बना लीडर

मुंबई भारत के डेटा सेंटर बाजार में एक लीडर के रूप में उभरा है, जो देश की कुल क्षमता का 52 प्रतिशत हिस्सा रखता है। यह प्रभुत्व भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में मुंबई की महत्वपूर्ण भूमिका और देश के डेटा हब के रूप में इसकी स्थिति को उजागर करता है। इसी क्रम में मुंबई के बाद चेन्नई दूसरे स्थान पर है, जहां भारत की डेटा सेंटर क्षमता का 21 प्रतिशत हिस्सा है। दिलचस्प बात यह है कि बेंगलुरु जिसे भारत की सिलिकॉन वैली कहा जाता है और हैदराबाद जैसे स्थापित टेक हब में देश की डेटा सेंटर क्षमता का 7-7 प्रतिशत हिस्सा है।

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