AI के दौर में बिखरता वेब, भरोसेमंद जानकारी की तलाश हुई मुश्किल

चुनौती ऐसे सर्च इंजन को ढूंढने की है, जो एआई आधारित ’क्रॉलर’ का इस्तेमाल न करता हो। ऐसे सर्च इंजन मौजूद हैं। ’जेडीनेट’ ने मोजीक की सिफारिश की है, जबकि पीसीमैग ने ब्रेव को बेहतर विकल्प बताया है।

पिछले 30 वर्षों से ’वर्ल्ड वाइड वेब’ एक अनकहे नियम पर चलता आया है-ज्यादातर वेबसाइट सर्च इंजन को अपनी सामग्री तक मुफ्त पहुंच देती हैं, लेकिन बदले में उनकी सामग्री का इस्तेमाल करने पर मूल स्रोत का लिंक देकर उन्हें श्रेय दिया जाता है। हाल के दिनों में यह व्यवस्था टूटने लगी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के टूल अब वेबसाइट को उनकी सामग्री का इस्तेमाल कर मॉडल तैयार करने और जवाब देने के लिए खंगाल रहे हैं, न कि लोगों को उन वेबसाइटों तक पहुंचाने के लिए। एआई से मिले ये जवाब सही भी हो सकते हैं और गलत भी।

Age OF AI

क्लाउडफ्लेयर पर एआई क्रॉलर होगा बंद/Photo-AI

एआई ओवरव्यू- जवाब का जरूरी हिस्सा नहीं

जब आप कुछ खोजते हैं तो चैटजीपीटी का जवाब या गूगल का ’एआई ओवरव्यू’ अब भी स्रोतों की कड़ियां दे सकता है, लेकिन ये मुख्य जवाब का जरूरी हिस्सा नहीं, बल्कि एक अतिरिक्त सुविधा भर रह गई हैं।

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