आज के दौर में स्मार्टफोन, लैपटॉप, कार, टीवी, AI सर्वर और यहां तक कि मिसाइलों तक में इस्तेमाल होने वाली सेमीकंडक्टर चिप्स आधुनिक दुनिया की सबसे अहम तकनीकों में शामिल हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये चिप्स बनने वाली दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री कितनी बड़ी होती है? आइए जानते हैं उस विशाल प्लांट के बारे में, जहां हर महीने लाखों वेफर प्रोसेस किए जाते हैं और दुनिया की सबसे एडवांस चिप्स तैयार होती हैं।
दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के लिए बनाती है चिप्स
दुनिया की सबसे बड़ी चिप फैक्ट्री कहां है?
दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे उन्नत चिप निर्माण सुविधाओं में ताइवान की TSMC (Taiwan Semiconductor Manufacturing Company) की फैब्स का नाम सबसे ऊपर आता है। कंपनी का Fab 18, जो ताइवान के ताइनान साइंस पार्क में स्थित है, दुनिया के सबसे बड़े और आधुनिक सेमीकंडक्टर निर्माण परिसरों में गिना जाता है। यह फैक्ट्री कई चरणों में विकसित की गई है और इसका कुल परिसर सैकड़ों हजार वर्गमीटर में फैला हुआ है। यहां 3nm और 5nm जैसी अत्याधुनिक चिप्स का उत्पादन किया जाता है।
हर महीने बनते हैं लाखों वेफर
TSMC की फैब्स में हर महीने लाखों 300mm सिलिकॉन वेफर प्रोसेस किए जाते हैं। इन्हीं वेफर पर हजारों चिप्स तैयार होती हैं। एक 300mm वेफर से उसके डिजाइन और आकार के अनुसार सैकड़ों से लेकर हजारों तक चिप्स बनाई जा सकती हैं। TSMC की कुल वैश्विक उत्पादन क्षमता प्रति वर्ष 1.5 करोड़ से अधिक 12-इंच समकक्ष वेफर तक पहुंच चुकी है, जो इसे दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट चिप निर्माता कंपनी बनाती है।
दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के लिए बनाती है चिप्स
TSMC केवल अपनी नहीं, बल्कि दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियों के लिए चिप्स तैयार करती है। इनमें Apple, NVIDIA, AMD, Qualcomm, MediaTek और कई अन्य प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। iPhone में इस्तेमाल होने वाले Apple के A-सीरीज और Mac के M-सीरीज प्रोसेसर भी TSMC की अत्याधुनिक फैब्स में बनाए जाते हैं।
इतनी बड़ी फैक्ट्री में क्या-क्या होता है?
एक आधुनिक चिप फैक्ट्री में हजारों अत्याधुनिक मशीनें लगी होती हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण EUV (Extreme Ultraviolet Lithography) मशीनें हैं, जिनकी कीमत अकेले 2,000 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकती है। इन मशीनों की मदद से नैनोमीटर स्तर पर बेहद छोटे ट्रांजिस्टर तैयार किए जाते हैं। फैक्ट्री के अंदर धूल का एक छोटा-सा कण भी चिप को खराब कर सकता है। इसलिए यहां क्लीन रूम का इस्तेमाल किया जाता है, जहां हवा सामान्य अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर से भी कई गुना ज्यादा साफ रखी जाती है।
एक फैक्ट्री बनाने में लगते हैं अरबों डॉलर
आधुनिक सेमीकंडक्टर फैब बनाना दुनिया की सबसे महंगी औद्योगिक परियोजनाओं में से एक है। एक अत्याधुनिक चिप फैक्ट्री पर 20 से 40 अरब डॉलर (करीब 1.7 लाख करोड़ से 3.4 लाख करोड़ रुपये) तक का निवेश हो सकता है। निर्माण से लेकर उत्पादन शुरू होने तक इसमें कई वर्षों का समय लगता है।
भारत भी बढ़ा रहा है कदम
भारत भी सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार ने India Semiconductor Mission के तहत कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। गुजरात समेत विभिन्न राज्यों में नई चिप फैक्ट्रियां स्थापित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य भविष्य में देश को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना है।
