गुजरात सरकार ने राज्य के दूरदराज, सीमावर्ती और अब तक कम कनेक्टिविटी वाले इलाकों में हाई-स्पीड सैटेलाइट आधारित इंटरनेट उपलब्ध कराने के लिए स्टारलिंक के साथ लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) का आदान-प्रदान किया है। यह समझौता सोमवार को गांधीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी मौजूद रहे।
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PTI/भाषा के अनुसार, यह LoI एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की सहायक इकाई Satellite Communications Private Limited (Starlink) के साथ किया गया। समझौते पर राज्य के उद्योग आयुक्त पी. स्वरूप और स्टारलिंक इंडिया के प्रमुख प्रभाकर जयकुमार ने हस्ताक्षर किए।
डिजिटल कनेक्टिविटी मिशन को मिलेगा बल
इस पहल का उद्देश्य उन क्षेत्रों में तेज़ और भरोसेमंद इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराना है, जहां अब तक टेलीकॉम ढांचा सीमित है। यह परियोजना राज्य के डिजिटल कनेक्टिविटी मिशन और अन्य रणनीतिक पहलों का हिस्सा है।
पायलट प्रोजेक्ट में ये संस्थान होंगे शामिल
LoI के तहत प्रस्तावित पायलट प्रोजेक्ट में कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSCs), ई-गवर्नेंस सुविधाएं, सरकारी स्कूल, जिला आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष, बंदरगाह और वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र को शामिल किया जाएगा। इन्हें सैटेलाइट इंटरनेट से जोड़ने की योजना है। इसका खास फोकस आदिवासी जिलों और नर्मदा व दाहोद जैसे आकांक्षी जिलों पर रहेगा।
सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
इस पहल से पुलिस चौकियों, आपदा प्रबंधन केंद्रों, वन्यजीव निगरानी और कृषि अनुसंधान केंद्रों में मजबूत कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे सुरक्षा और स्थिरता बढ़ेगी। इसके अलावा, सरकारी स्कूलों में स्मार्ट कनेक्टिविटी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) में टेलीमेडिसिन सेवाएं, विभिन्न सरकारी एजेंसियों और आपदा प्रतिक्रिया टीमों के लिए संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
उद्योग और तटीय सुरक्षा को भी मिलेगा फायदा
LoI के दायरे में GIDC औद्योगिक पार्क, हाईवे सुरक्षा प्रणालियां, समुद्री और बंदरगाह कनेक्टिविटी तथा तटीय पुलिस संचालन को मजबूत करना भी शामिल है। समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गुजरात सरकार और स्टारलिंक के प्रतिनिधियों के साथ एक जॉइंट वर्किंग ग्रुप का गठन किया जाएगा।
