Google Chrome Users Alert: भारत सरकार की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने हाल ही में गूगल क्रोम के यूजर्स के लिए चेतावनी जारी की है। एजेंसी का कहना है कि गूगल क्रोम के स्पेसिफिक वर्जन में कई ऐसी कमियां हैं, जिसके जरिए अटैकर आपके कंप्यूटर का कंट्रोल ले सकता है।
क्रोम यूजर्स पर फिशिंग और मालवेयर अटैक हो सकते हैं।
CERT-In की चेतावनी के अनुसार, क्रोम यूजर्स पर फिशिंग और मालवेयर अटैक हो सकते हैं। यूजर्स की सेंसिटिव इंफॉर्मेशन खतरे में पड़ सकती है। इसलिए यूजर्स सतर्क रह कर जरूरी कदम उठाएं। CERT, इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के तहत काम करती है।
कौन-कौन से गूगल क्रोम के हैं प्रभावित वर्जन
CERT-In के मुताबिक लाइनेक्स और Mac के लिए 115.0.5790.170 से पहले के गूगल क्रोम वर्जन हैं। वहीं विंडोज के लिए 115.0.5790.170/.171 से पहले के गूगल क्रोम वर्जन शामिल हैं। CERT-In ने कहा कि अगर यूजर्स इन दोनों वर्जन में से कोई एक भी यूज कर रहे हैं, तो उन्हें अपने सिस्टम को सिक्योर करने के लिए तुरंत एक्शन लेना चाहिए।
ऐसे करें डिवाइस को सेफ
- उन वेबसाइटों के लिंक पर क्लिक करने से जिनकी सिक्योरिटी को लेकर आप श्योर नहीं।
- सभी ऑनलाइन अकाउंट्स के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को इनेबल करें, जो यह ऑफर करते हैं।
- सभी अकाउंट्स के लिए मजबूत पासवर्ड और स्टोर करने के लिए स्ट्रॉन्ग पासवर्ड मैनेजर का यूज करें।
- इस बात को लेकर सावधान रहें कि आप ऑनलाइन कौन सी जानकारी शेयर करते हैं, खासकर सोशल मीडिया पर।
- अपने कंप्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर को लेटेस्ट सिक्योरिटी पैच के साथ हमेशा अप-टू-डेट रखें।
- अपने कंप्यूटर को मालवेयर-फिशिंग अटैक से बचाने के लिए फायरवॉल और एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का यूज करें।
कंप्यूटर हैक होने से क्या-क्या नुकसान?
सेंसिटिव और पर्सनल इंफॉर्मेशन की चोरी। फाइनेंशियल नुकसान यानी आपके पैसों की चोरी। अटैकर कंपनी के जरुरी डेटा को चोरी कर उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान भी पहुंचा सकता है।
सिस्टम हैक होने से बचाने के लिए क्या करना होगा?
सिस्टम को हैक होने से बचाने के लिए CERT-In ने यूजर्स को जल्द से जल्द गूगल क्रोम को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करने की सलाह दी है। इन कमियों को ठीक करने के लिए गूगल पहले ही एक अपडेट जारी कर चुकी है।
