'डिजिटल एडिक्शन' बना काल, हर साल 20,000 हजार बच्चे गवां रहे जान, सांसद ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा

तृणमूल सांसद ने यह भी उल्लेख किया कि 68 देशों ने स्कूलों में मोबाइल फोन पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया है। ओ’ब्रायन ने कहा, "अत्यधिक स्क्रीन समय नींद को बाधित करता है, चिंता के खतरे को बढ़ाता है और मूड में जल्दी बदलाव का कारण बनता है।"

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने शुक्रवार को राज्यसभा में बच्चों और युवाओं में बढ़ती डिजिटल लत का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि इसके चलते हर साल लगभग 20,000 बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस संकट समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न अध्ययनों से संकेत मिलता है कि बच्चे और युवा प्रतिदिन करीब आठ घंटे का समय स्क्रीन और मोबाइल फोन पर बिता रहे हैं, जो साल में 100 दिनों से अधिक के बराबर है।

Digital Addiction

हर साल हजारों बच्चे डिजिटल एडिक्शन का हो रहे हैं शिकार। (फोटो क्रेडिट-iStock)

तृणमूल सदस्य ने यह भी उल्लेख किया कि 68 देशों ने स्कूलों में मोबाइल फोन पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया है। ओ’ब्रायन ने कहा, "अत्यधिक स्क्रीन समय नींद को बाधित करता है, चिंता के खतरे को बढ़ाता है और मूड में जल्दी बदलाव का कारण बनता है।"

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