Airtel ने 5G ‘Priority Postpaid’ प्लान पर दी सफाई, कहा- हम सरकार के नियमों के खिलाफ नहीं

Airtel के अनुसार, नेटवर्क उपयोग का पीक स्तर करीब 38 प्रतिशत तक ही पहुंचता है और पोस्टपेड ट्रैफिक केवल 4 प्रतिशत हिस्सा है। इसलिए प्रीपेड यूजर्स के अनुभव पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

भारत की टेलीकॉम कंपनी Airtel ने अपने नए 5G “Priority Postpaid” प्लान को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई दी है। कंपनी ने दूरसंचार विभाग (DoT) को बताया कि उसकी यह सेवा पूरी तरह नेट न्यूट्रैलिटी नियमों के तहत काम करती है और इससे प्रीपेड यूजर्स की इंटरनेट स्पीड या नेटवर्क पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

Airtel priority postpaid

क्या है Priority Postpaid सेवा?

Airtel ने 19 मई को “Priority Postpaid” फीचर लॉन्च किया था। इसमें 5G Network Slicing तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तकनीक की मदद से एक ही 5G नेटवर्क को अलग-अलग वर्चुअल नेटवर्क में बांटा जा सकता है, ताकि कुछ सेवाओं को बेहतर स्पीड और कम लेटेंसी मिल सके, हालांकि इस फीचर को लेकर कुछ लोगों ने आरोप लगाया था कि पोस्टपेड यूजर्स को ज्यादा बेहतर इंटरनेट देकर नेट न्यूट्रैलिटी नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।

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