AI And Technology: भारतीय सीईओ अपने कारोबार में वृद्धि और उत्पादकता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) समेत अन्य टेक्नोलॉजी में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं, 56 प्रतिशत सीईओ का मानना है कि डेटा मैनेजमेंट एवं साइबर सिक्योरिटी को मजबूत बनाया जाए। इसके अलावा 50 प्रतिशत सीईओ बिजनेस के सभी पहलुओं पर लागत को अनुकूल बनाना चाहते हैं।
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ईवाई सीईओ आउटलुक प्लस सर्वे में दावा
'ईवाई सीईओ आउटलुक प्लस सर्वे' में बताया गया कि अगले 12 महीनों में कारोबार में वृद्धि और उत्पादकता बढ़ाने के लिए करीब 70 प्रतिशत भारतीय सीईओ एआई समेत टेक्नोलॉजी में निवेश को अधिक महत्व दे रहे हैं। यह वैश्विक औसत 47 प्रतिशत से कहीं अधिक है।
नई प्रोडक्शन सुविधा और टेक्नोलॉजी
वहीं, 56 प्रतिशत सीईओ का मानना है कि डेटा मैनेजमेंट एवं साइबर सिक्योरिटी को मजबूत बनाया जाए। इसके अलावा 50 प्रतिशत सीईओ बिजनेस के सभी पहलुओं पर लागत को अनुकूल बनाना चाहते हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि 44 प्रतिशत ने माना है कि नई टेक्नोलॉजी को लाना, नई प्रोडक्शन सुविधा और इनोवेटिव स्टार्टअप होना विलय और अधिग्रहण के पीछे की सबसे बड़ी वजह है।
टेक्नोलॉजी में निवेश भविष्य के लिए जरूरी
ईवाई इंडिया टेक्नोलॉजी में कंसल्टिंग लीडर महेश मखीजा ने कहा, "टेक्नोलॉजी में निवेश केवल आज के लिए नहीं बल्कि भविष्य की नीति को ध्यान में रखते हुए किया जाता है। यह सर्वे दिखाता है कि बड़ी संख्या में सीईओ अपनी संस्था में एआई केंद्रित ब्लूप्रिंट पर काम कर रहे हैं, जिससे इनोवेशन और उत्पादकता को बढ़ाया जा सके।"
कॉर्पोरेट भारत टेक्नोलॉजी की करता है वकालत
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि एक साल पहले की तुलना में अधिकांश सीईओ द्वारा स्थिरता के बढ़ते महत्व को स्वीकार करने के बावजूद 16 प्रतिशत ने इसे प्राथमिकता में नीचे कर दिया है। इसकी वजह वित्तीय बाधाओं और बोर्डरूम के फोकस में परिवर्तन होना है। स्थिरता के एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए, कॉर्पोरेट भारत एआई सहित टेक्नोलॉजी इंसेंटिव की वकालत करता है।
