Google Gemini: गूगल और कैंटर की एक रिपोर्ट में यह सामने आया कि भारत में जनरेटिव एआई के अपनाने की बेहद बड़ी संभावनाएं हैं। साथ ही यह भी साफ हुआ कि लोग ऐसे टूल्स का इस्तेमाल तरक्की करना चाहते हैं और गूगल का जेमिनी टूल भारतीयों के आत्मविश्वास और क्षमताओं को निखारने में मदद कर रहा है।
Google Gemini
60% लोग एआई से अनजान
गूगल और कैंटर ने आज भारत में जनरेटिव एआई के इस्तेमाल, संभावनाओं और उसके प्रभाव को समझने के लिए एक स्टडी जारी की है। इस स्टडी के तहत देशभर के 18 शहरों में 8,000 से ज्यादा लोगों से बातचीत की गई। इस सर्वे में यह भी पाया गया कि भले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को लेकर लोगों में उत्साह है, लेकिन अभी इसकी जानकारी और अपनाने की शुरुआत ही हुई है। लगभग 60 प्रतिशत लोग एआई से अनजान हैं और सिर्फ 31 प्रतिशत लोगों ने किसी जनरेटिव एआई टूल का इस्तेमाल किया है।
स्टडी में गूगल का दावा
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीयों में खुद को बेहतर बनाने की तीव्र इच्छा है। 72 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि वे ज्यादा प्रोडक्टिव बनें, 77 प्रतिशत अपनी क्रिएटिविटी बढ़ाना चाहते हैं और 73 प्रतिशत लोग बेहतर तरीके से संवाद करना चाहते हैं। गूगल का एआई टूल जेमिनी इस दिशा में मददगार बन रहा है। जो लोग इसे पहले से इस्तेमाल कर रहे हैं, वे इसके असर को साफ महसूस कर रहे हैं। 92 प्रतिशत यूजर्स ने कहा कि इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, 93 प्रतिशत ने माना कि इससे उनकी उत्पादकता में इजाफा हुआ है और 85 प्रतिशत को इसमें अपनी रचनात्मकता को निखारने में मदद मिली है।
लोगों को क्या आ रही दिक्कतें?
इस रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, जैसे समय की कमी, नए आइडिया की कमी, या खुद को सही तरीके से जाहिर न कर पाना। इन बाधाओं के कारण 61 प्रतिशत लोगों ने कभी न कभी अपने किसी प्रोफेशनल या क्रिएटिव सपने को बीच में ही छोड़ दिया।
गूगल ने गिनाए जेमिनी के फायदे
गूगल ने जेमिनी में कई नई खूबियों की घोषणा भी की। अब लोग सिर्फ बोलकर वीडियो बना सकते हैं, कैमरा दिखाकर किसी चीज़ पर फौरन मदद पा सकते हैं, रिसर्च रिपोर्ट मिनटों में पा सकते हैं और किसी डॉक्यूमेंट को ऑडियो के रूप में सुन सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि जेमिनी के इस्तेमाल से लोग न सिर्फ आत्मविश्वासी हुए हैं, बल्कि उन्हें मुश्किल फैसले लेने, स्किल सीखने और नई प्रोफेशनल या रचनात्मक दिशा में कदम बढ़ाने में भी मदद मिली है। खासकर जनरेशन जेड, छात्र और महिलाएं इससे सबसे ज्यादा लाभ उठा रहे हैं।
गूगल इंडिया के मार्केटिंग उपाध्यक्ष शेखर खोसला का कहना है कि जेमिनी का मकसद हर इंसान को एक निजी और मददगार एआई सहायक देना है, जो उनकी जिंदगी को आसान और बेहतर बना सके। इस सर्वे में देशभर के 18 शहरों में 8 हजार से ज्यादा लोगों से बातचीत की गई, जिनमें मेट्रो, टियर 1 और टियर 2 शहरों को शामिल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में एआई के इस्तेमाल की अपार संभावनाएं हैं और लोग इसके जरिए अपने जीवन को नई दिशा देना चाहते हैं।
