Wrestler Protest: भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। उनके समर्थन में शुक्रवार को 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम ने समर्थन किया है। कपिल देव की कप्तानी वाली टीम ने संयुक्त रूप से समर्थन दिया है। क्रिकेटर्स ने पहलवानों के समर्थन में बयान जारी करते हुए कहा कि उम्मीद है कि पहलवालों की मांगे जल्द सुनी जाएंगी। आगे उन्होंने पहलवानों को सचेत करते हुए कहा कि पहलवान जल्द में कोई भी फैसला नहीं लें। इसके अलावा क्रिकेटर्स ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पहलवानों के साथ जो वह दुखद है। वहीं, पिछले दिनों पहलवानों को लेकर केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा था कि पहलवानों को जांच पूरी होने तक का इंतजार करना चाहिए। आगे उन्होंने कहा कि जब तक जांच की जा रही है, तब तक पहलवानों को ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए, जिससे खेल और उसके खिलाड़ियों को नुकसान हो।
साक्षी मलिक। (फोटो- बजरंग पूनिया के ट्विटर से।)
बदसलूकी की तस्वीरें देखकर व्यथित हैं
टीम ने संयुक्त रुप से बयान जारी कर कहा कि हम अपने चैंपियन पहलवानों के साथ मारपीट के अशोभनीय दृश्यों से व्यथित हैं। हमें सबसे अधिक चिंता इस बात की भी है कि वे अपनी मेहनत की कमाई को गंगा नदी में बहाने की सोच रहे हैं। उन मेडल में वर्षों का प्रयास, बलिदान, संकल्प और धैर्य शामिल है और वे न केवल उनके अपने बल्कि देश के गौरव हैं। हम उनसे आग्रह करते हैं कि वे इस मामले में जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें और उनकी शिकायतों को सुना जाएगा और जल्दी से हल किया जाएगा। कानून को अपना काम करने दी।
गंगा में मेडल विसर्जित करने पहुंचे थे पहलवान
विरोध प्रदर्शन कर रहे पहलवान पिछले दिनों मेडल को गंगा नंदी में विसर्जित करने पहुंचे थे। इस दौरान ओलिंपिक मेडलिस्ट बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक सहित कई पहलवान मौजूद थे। लेकिन किसान नेता ने पहलवानों को मेडल गंगा नदी में विसर्जित करने से रोक दिया था।
बनाई गई है जांच समिति
खिलाड़ियों से चर्चा के बाद मामले की जांच करने के लिए एक समिति बनाई गई है। समिति के सदस्यों ने मामले की निष्पक्ष जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने भी मामला दर्ज कर लिया है।
