राष्ट्रमंडल खेलों में गिरा हुआ है भारतीय धावकों का मनोबल-बोले मेडल जीतना होगा मुश्किल

23 जुलाई से शुरू हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों से पहले भारतीय धावकों के मनोबल गिरे हुए हैं। इस बार इस इवेंट में भारत 32 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम उतारेगा। लेकिन इससे पहले 400 मीटर रिले में हिस्सा लेने वाले विशाल थेन्नारासु कयालविझी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के एथलीटों की मौजूदगी के कारण ग्लास्गो में मुकाबले का स्तर ऊंचा होगा।

भारत के शीर्ष 400 मीटर धावकों का मानना है कि ग्लास्गो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में इस साल बाद में होने वाले एशियाई खेलों की तुलना में अधिक कड़ा मुकाबला होगा जिससे यह महाद्वीपीय प्रतियोगिता से पहले खुद को साबित करने का एक बेहतरीन मौका होगा। राष्ट्रमंडल खेलों से लगभग दो महीने पहले राष्ट्रमंडल खेल 23 जुलाई से शुरू हो रहे हैं। इस प्रतियोगिता में भारत 32 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम उतारेगा। राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की 400 मीटर और मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले में हिस्सा लेने वाले विशाल थेन्नारासु कयालविझी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के एथलीटों की मौजूदगी के कारण ग्लास्गो में मुकाबले का स्तर भारतीय धावकों को अपने प्रदर्शन का स्तर बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा।

India Athletics Team

भारतीय एथलेटिक्स टीम (साभार-X)

विशाल ने पोलैंड के स्पाला में सरकार द्वारा प्रायोजित अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग शिविर के लिए रवाना होने से पहले साइ मीडिया से कहा, ’’राष्ट्रमंडल खेल कड़े हैं, अगर हम मेहनत नहीं करें तो यह कठिन है। मैं यह नहीं कहूंगा कि यह नामुमकिन है। मैं कहूंगा कि अगर हम अच्छी तैयारी करें तो (पदक जीतना) मुमकिन है। कोई भी चीज आसान नहीं होती, चाहे वह एशियाई खेल हों या राष्ट्रमंडल खेल।’’

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