Paris Olympics 2024: पेरिस ओलंपिक के दौरान खिलाड़ियों की भलाई को प्राथमिकता देते हुए काफी अधिक सहयोगी स्टाफ उनके साथ भेजा जा रहा है जिससे 117 खिलाड़ियों के लिए कुल 140 सहयोगी स्टाफ सदस्यों में से 67 खेल गांव में एथलीटों के साथ रहेंगे। एथलीट केंद्रित दृष्टिकोण को अपनाते हुए सहायक स्टाफ के चयन के लिए एक व्यापक और विधिपूर्ण तंत्र अपनाया गया है। सभी सहायक स्टाफ सदस्य एथलीटों को समग्र समर्थन देने के लिए भेजे जा रहे हैं। अतिरिक्त सहयोगी स्टाफ सदस्य एथलीटों से चर्चा और उनकी जरूरतों के आधार पर चुने गए हैं।
पेरिस ओलंपिक लोगो। (फोटो- Paris 2024 X)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों को अच्छी नींद लेने की सलाह दी थी जिससे इस बार सहयोगी स्टाफ में पोषण विशेषज्ञ के साथ नींद चिकित्सक भी शामिल है। यहां मिली जानकारी के अनुसार, ‘140 सहयोगी स्टाफ सदस्यों में से 67 खेल गांव में खिलाड़ियों के साथ रहेंगे जिसमें कोच, टीम डॉक्टर, रिकवरी विशेषज्ञ, खेल वैज्ञानिक और फिजियो शामिल हैं। कोचों, डॉक्टरों, फिजियोथेरेपिस्टों आदि के अलावा, इस बार भारत की और से पोषण विशेषज्ञ, नींद चिकित्सक और यहां तक कि स्पारिंग पार्टनर भी भेजे जा रहे हैं। ’
इसके मुताबिक, ‘अन्य सदस्य खेल गांव के बाहर ठहराए जाएंगे और इनमें अतिरिक्त कोच, ‘स्ट्रेंथ एवं कंडीशनिंग’ विशेषज्ञ, ट्रेनर, स्पारिंग जोड़ीदार और मानसिक कंडीशनिंग कोच शामिल हैं। इससे एथलीटों को आसानी से उनकी मदद मिल सकेगी, भले ही वे भारतीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के 33 प्रतिशत सहायक स्टाफ की सीमा के कारण खेल गांव में नहीं रह पाएं।’ पेरिस ओलंपिक के लिए भारत 43 कोच और व्यक्तिगत कोच, 25 विदेशी कोच, 26 फिजियोथेरेपिस्ट और सात मालिश विशेषज्ञ भेज रहा है।
जानकारी के अनुसार, ‘भारत सरकार ने खेल गांव के करीब होटल कमरे बुक करने और इन अतिरिक्त स्टाफ सदस्यों को दैनिक पास आवंटित करने के भी प्रयास किए हैं ताकि वे एथलीटों के प्रशिक्षण सत्रों के दौरान उनसे मिल सकें और उन्हें महत्वपूर्ण मैचों के लिए तैयार कर सकें।’
