जूडो में भी भारत को बड़ी सफलता भारत की इनुंगनबी ताखेल्लामबाम ने बृहस्पतिवार को एशियन गेम्स 2026 की महिला 70 किग्रा जूडो स्पर्धा में रेपेचेज मुकाबला जीतकर कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाई जबकि यामिनी मौर्य का महिला 57 किग्रा वर्ग में रेपेचेज मुकाबले में हार के साथ अभियान समाप्त हो गया।
इनुंगनबी ताखेल्लामबाम जूडो ब्रॉन्ज मेडल मैच खेलेंगी (X/SAIMedia)
इनुंगनबी ताखेल्लामबाम ने शुरुआत में नेपाल की पूनम श्रेष्ठा को इप्पोन से हराकर क्वार्टर फाइनल (Quarter Final) में जगह बनाई। हालांकि क्वार्टर फाइनल में उन्हें उत्तर कोरिया (North Korea) की सॉन्ग हुई मुन ने इप्पोन से हरा दिया। सॉन्ग के फाइनल मुकाबले में पहुंचने के बाद इनुंगनबी ताखेल्लामबाम को रेपेचेज के जरिए पदक मुकाबले में आगे बढ़ने का मौका मिला।
भारतीय खिलाड़ी को रेपेचेज दौर में चीन की जिंग तांग से भिड़ना था। हालांकि मुकाबले से पहले चीनी खिलाड़ी को अयोग्य घोषित कर दिया गया। इसके परिणामस्वरूप ताखेल्लामबाम को फुसेन गाची के जरिए वॉकओवर जीत मिली। इनुंगनबी ताखेल्लामबाम बृहस्पतिवार को ही कांस्य पदक के लिए मंगोलिया की अनु उरान उल्जीई से भिड़ेंगी।
इससे पहले यामिनी ने कतर की फतेना बु काहूस को इप्पोन से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि उन्हें मंगोलिया की आरियुंजाया तेर्बिश के खिलाफ युको से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद यामिनी रेपेचेज मुकाबले में जापान की मियो शिराकाने के खिलाफ इप्पोन से हार गईं जिससे उनका अभियान समाप्त हो गया।
जूडो में इप्पोन ऐसी तकनीक है जिसमें खिलाड़ी अपने प्रतिद्वंद्वी को काफी ताकत और गति के साथ मैट पर इस तरह गिराता है कि उसकी पीठ जमीन से लगे। वहीं युको प्रभावी थ्रो या होल्डडाउन के लिए दिया जाने वाला मध्यम स्तर का स्कोर है।
फुसेन गाची का मतलब है कि मुकाबला शुरू होने से पहले प्रतिद्वंद्वी के हटने या डिफॉल्ट करने के कारण जीत से है। यह जूडो में रेफरी द्वारा दिया जाने वाला निर्णय या स्कोरिंग शब्द है जिसे इस्तेमाल किया जाता है।
(भाषा)
