मडगांव। भारतीय महिला फुटबॉल टीम की स्टार खिलाड़ी ग्रेस डांगमेई ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा की। यह घोषणा टीम के यहां फाइनल में बांग्लादेश पर 3-1 की जीत से सैफ चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद की गई। मणिपुर की रहने वाली 30 वर्षीय फॉरवर्ड खिलाड़ी ने 2013 में अपने पदार्पण के बाद से 95 बार देश का प्रतिनिधित्व किया और अपना तीसरा सैफ खिताब जीतकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का शानदार समापन किया।
ग्रेस ने फुटबॉल को कहा अलविदा। फोटो- इंडियन फुटबॉल
फाइनल मैच में वह शुरुआती 11 खिलाड़ियों में शामिल नहीं थीं और स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर उतरीं। लेकिन बाद में उन्हें कप्तान बनाया गया और पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान उन्होंने ट्रॉफी उठाई। लगभग 15 साल के अपने शानदार करियर के दौरान ग्रेस केआरवाईपीएचएसए, सेतु एफसी, गोकुलम केरला और श्रीभूमि जैसे शीर्ष भारतीय क्लबों के लिए खेलीं। ग्रेस 2022 में एक सत्र के अनुबंध पर उज्बेक महिला लीग की टीम एफसी नसाफ कार्शी से जुड़ीं। उन्होंने उस साल 14 लीग मैच में चार गोल करके अपनी उज्बेक टीम को लीग और कप दोनों जिताने में मदद की।
वहीं, भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने शनिवार को यहां खेले गए फाइनल में बांग्लादेश पर 3-1 की शानदार जीत के साथ छठी बार सैफ महिला चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। भारत ने सात साल बाद यह ट्रॉफी जीती। टीम के लिए प्यारी खाका (42वें मिनट), सनफिदा नोंग्रम (46वें मिनट) और लिंडा कॉम सर्टो (82वें मिनट) ने गोल किए।
भारत ने टूर्नामेंट में बिना कोई मैच गंवाए अपना सफर पूरा किया। उन्होंने 18 गोल किए और सिर्फ एक गोल खाया जिससे टूर्नामेंट में उनका दबदबा साफ दिखा। भारतीय टीम ने मालदीव पर 11-0 की जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की थी और फिर बांग्लादेश को 3-0 से हराकर ग्रुप बी में शीर्ष स्थान हासिल किया था। लगातार पांच बार खिताब जीतने के बाद भारत पिछले दो चरणों में फाइनल तक भी नहीं पहुंच पाया था। बांग्लादेश ने इन दोनों मौकों (2022 और 2024) पर नेपाल को हराकर ट्रॉफी जीती थी। भारत ने पिछली बार 2019 में यह खिताब जीता था।
