एफआईएच नेशंस कप का खिताब जीतकर प्रो लीग में वापसी के बावजूद भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। ऑकलैंड में रविवार को न्यूजीलैंड को 2-0 से हराकर भारत ने दूसरी बार नेशंस कप जीता, लेकिन मारिन का मानना है कि टीम को फील्ड गोल की संख्या बढ़ाने पर गंभीरता से काम करना होगा। मैच के बाद मारिन ने कहा कि पहला टूर्नामेंट और फाइनल जीतना जरूरी था, खासकर विश्व कप क्वालीफायर में इंग्लैंड से मिली हार के बाद। उन्होंने कहा, “हमने मजबूत और सुनियोजित डिफेंस पर भरोसा किया। जीत की आदत डालनी जरूरी थी और हमने वह कर दिखाया।”
महिला हॉकी टीम (Hockey India)
कोच ने की पेनल्टी कॉर्नर प्रदर्शन की तारीफ
कोच ने टीम के पेनल्टी कॉर्नर प्रदर्शन की तारीफ की, लेकिन साथ ही साफ किया कि मौके बनाने के बावजूद फील्ड गोल कम रहे। “हमने गोल करने के मौके बनाए, पर उन्हें फील्ड गोल में बदलने पर लगातार काम करना है। पेनल्टी कॉर्नर अच्छा रहा, अगर फील्ड गोल भी बढ़ें तो टीम और खतरनाक हो जाएगी।” मारिन ने माना कि सर्वोच्च रैंकिंग वाली टीम के तौर पर उतरने पर दबाव होता है, मगर खिलाड़ियों ने दिखा दिया कि वे दबाव झेल सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रो लीग में अब दुनिया की टॉप टीमों के खिलाफ खेलकर टीम को बड़ा अनुभव मिलेगा, जो विश्व कप और एशियाई खेलों से पहले अहम होगा।
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हॉकी इंडिया ने महिला टीम को दिया ईनाम
भारत ने पूल चरण में अमेरिका, जापान और उरुग्वे को हराया, फिर सेमीफाइनल में चिली को मात दी। फाइनल में स्ट्राइकर लालरेम्सियामी ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहीं, जबकि ड्रैग फ्लिकर दीपिका ने टूर्नामेंट में अमेरिका की एशले सेस्सा के साथ संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा 6 गोल दागे। हॉकी इंडिया ने हर खिलाड़ी को तीन लाख और सहयोगी स्टाफ को डेढ़ लाख रुपये इनाम देने का ऐलान किया है। कप्तान सलीमा टेटे ने कहा कि खिताब जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है। टीम ने काफी मेहनत की थी और प्रो लीग में वापसी लक्ष्य था, जिसे हासिल कर लिया गया।
