हॉकी वर्ल्ड कप 2026 से पहले पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और दो बार के ओलंपियन सलमान अकबर ने भारत और पाकिस्तान की हॉकी के बीच के फर्क को साफ शब्दों में बताया है। चार बार की विश्व चैम्पियन पाकिस्तान टीम 8 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी कर रही है, लेकिन पूर्व गोलकीपर का मानना है कि टीम के गिरते स्तर की सबसे बड़ी वजह घरेलू ढांचे का अभाव है। भाषा को दिए इंटरव्यू में 230 मैच खेल चुके सलमान ने कहा, "पाकिस्तान ने कभी अपनी हॉकी के घरेलू ढांचे को मजबूत करने की कोशिश नहीं की। खिलाड़ियों के लिए कोई प्लेटफॉर्म नहीं है। वे सिर्फ अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट या कैंप तक ही सीमित रहते हैं। घरेलू स्तर पर प्रतिभा निकलने की कोई व्यवस्था ही नहीं है।" पाकिस्तान की टीम प्रो लीग के पिछले सत्र में आखिरी स्थान पर रही थी।
पाकिस्तान हॉकी (फोटो साभार- X)
सलमान अकबर ने की भारत की तारीफ
वहीं भारत की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि 2008 बीजिंग ओलंपिक के लिए क्वालीफाई न कर पाने के बाद भारतीय हॉकी जाग गई थी। "उस झटके के बाद भारत ने घरेलू ढांचे पर काम किया। आज उनके पास हॉकी इंडिया लीग है और पूरे साल व्यस्त शेड्यूल है। नतीजा तोक्यो और पेरिस ओलंपिक में लगातार दो कांस्य पदक के रूप में मिला। भारत ने कोचों को भी ट्रेनिंग दी और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का पूल तैयार किया। अब वे हर बड़े टूर्नामेंट में पदक के दावेदार हैं।" 44 साल के सलमान अब नीदरलैंड में अपना गोलकीपिंग स्कूल चलाते हैं और जापान टीम के गोलकीपिंग कोच भी हैं। उन्होंने कहा कि हॉकी बहुत बदल गई है। "हम 35 मिनट के दो हाफ खेलते थे, अब 4 क्वार्टर का खेल है। इसलिए पुरानी और नई टीम की तुलना नहीं हो सकती।"
2016 से पाकिस्तान ने भारत को नहीं हराया
भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर उन्होंने कहा कि 2016 के बाद से पाकिस्तान भारत से नहीं जीता है। प्रो लीग में भारत ने आसानी से हराया था, लेकिन वर्ल्ड कप में पाकिस्तान बदला चुकता करने की कोशिश करेगा। "लोगों को भारत-पाकिस्तान मैच देखना पसंद है। हॉकी के लिए यह मैच बहुत अहम है।" भारत के नए गोलकीपरों मोहित एचएस और सूरज करकेरा पर उन्होंने कहा कि पीआर श्रीजेश जैसे दिग्गज के साथ रहकर उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला होगा। कोचिंग को लेकर सलमान ने कहा कि यह आसान नहीं है। "हॉकी तेजी से बदल रही है। नए नियम आते हैं। अगर आप अपडेट नहीं रहेंगे तो टिक नहीं पाएंगे।"
