FIFA World Cup 2026: लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने का सपना संजोए फ्रांस की आक्रामक फुटबॉल और दूसरा खिताब जीतने के लिए बेताब स्पेन की ‘टिकी टाका’ शैली मंगलवार को वर्ल्ड कप के पहले सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगी। मुकाबला बेहद रोमांचक रहने की उम्मीद है।किलियन एमबाप्पे की कप्तानी वाली फ्रांस की फॉरवर्ड लाइन बेहद खतरनाक है। मौजूदा टूर्नामेंट में टीम ने हर मैच में अटैकिंग फुटबॉल खेली है। दूसरी ओर स्पेन का फोकस बॉल पजेशन और छोटे-छोटे तेज पास पर रहता है। स्पेनिश भाषा में इसे ‘टिकी टाका’ कहते हैं। इस रणनीति से स्पेन विरोधी टीम को मौका कम देता है और अपना तालमेल बरकरार रखता है। ऐसे में एमबाप्पे एंड कंपनी के लिए राह आसान नहीं होगी।
फीफा वर्ल्ड कप पहला सेमीफाइनल (फोटो साभार- FIFA)
सारे मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचा है फ्रांस
फ्रांस ने टूर्नामेंट में अब तक सभी मैच जीते हैं। लेकिन सेमीफाइनल में उसका सामना उस स्पेन से है जिसने पिछली दो भिड़ंत में उसे हराया था। इसीलिए स्पेन के युवा फॉरवर्ड लामिन यामल ने कहा कि फ्रांस को उनसे डरना चाहिए। वहीं एमबाप्पे का मानना है कि उनकी टीम तैयार है। क्वार्टर फाइनल के बाद उन्होंने कहा था, “आराम सिर्फ जीतने से मिलता है। जब तक ट्रॉफी नहीं उठा लेते, चैन से नहीं बैठेंगे। चुनौती मुश्किल है, पर हम तैयार हैं।” फ्रांस ने ग्रुप स्टेज में सेनेगल, इराक और नॉर्वे को आसानी से हराया। राउंड ऑफ 32 में स्वीडन के खिलाफ भी दबदबा रहा। राउंड ऑफ 16 में पराग्वे को हराकर टीम ने अपना अलग रूप दिखाया। क्वार्टर फाइनल में मोरक्को के खिलाफ भी फ्रांस का खेल प्रभावशाली रहा।
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स्पेन ने कैसे किया सेमीफाइनल तक का सफर
स्पेन की शुरुआत ड्रॉ से हुई थी। पहले मैच में कैप वर्दे से वह गोल नहीं कर पाया। इसके बाद टीम ने लय पकड़ी और सऊदी अरब व उरुग्वे को हराकर ग्रुप टॉप किया। राउंड ऑफ 32 में ऑस्ट्रिया को आसानी से हराया। राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल और क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के खिलाफ जीत आखिरी मिनटों में स्थानापन्न मिकेल मेरिनो के गोल से मिली। आठवीं बार सेमीफाइनल खेल रहा दो बार का चैंपियन फ्रांस पश्चिम जर्मनी के बाद लगातार तीन वर्ल्ड कप फाइनल खेलने वाला दूसरा यूरोपीय देश बन सकता है। एमबाप्पे अब तक 8 गोल कर चुके हैं। स्पेन के खिलाफ उनकी भूमिका अहम होगी। लेकिन फ्रांस सिर्फ एमबाप्पे पर निर्भर नहीं है। ओस्मान डेम्बेले, माइकल ओलिस, डेज़ायर डोउ और ब्रैडली बारकोला जैसे टैलेंट भी टीम में हैं। डिफेंस में डयोट उपामेकानो और विलियम सलीबा की जोड़ी मजबूत है। टीम ने अब तक सिर्फ 2 गोल खाए हैं।
सिर्फ एक बार वर्ल्ड कप में भिड़ीं दोनों टीमें
स्पेन तीसरी बार सेमीफाइनल में है। 2010 में वह दक्षिण अफ्रीका में चैंपियन बना था। स्पेन का डिफेंस बेहद संगठित है। रोड्रि, पेड्रि और डैनी ओल्मो मिडफील्ड में बॉल कंट्रोल के मास्टर हैं। गोलकीपर उनाई सिमोन ने 650 मिनट तक गोल नहीं खाने का रिकॉर्ड बनाया था। सेंटर-बैक में आयमेरिक लापोर्टे और पाउ कुबार्सी सधे हुए हैं। फुल-बैक मार्क कुकुरेला और पेड्रो पोरो अटैक में मदद करते हैं। फॉरवर्ड लाइन में यामल, निको विलियम्स और मिकेल ओयार्ज़ाबल हैं। कोच लुइस डे ला फुएंते ने कहा, “हमें भरोसा है कि हम फ्रांस को हरा सकते हैं। हम ही एकमात्र टीम हैं जिसने उन्हें दो बार हराया है। यह दो दिग्गजों का मुकाबला होगा।” वर्ल्ड कप में दोनों टीमें सिर्फ एक बार 2006 में जर्मनी में अंतिम 16 में भिड़ी थीं। तब फ्रांस 3-1 से जीता था।
