Formula 1 Return to India: भारत में फॉर्मूला वन की वापसी की उम्मीद एक बार फिर तेज हो गई है। सरकार ने देश में F1 और मोटरस्पोर्ट्स इकोसिस्टम को रिवाइव करने के लिए NITI Aayog के तहत एक हाई-लेवल टास्क फोर्स का गठन किया है। यह टास्क फोर्स टैक्स से जुड़ी दिक्कतों और मोटरस्पोर्ट्स की ग्रोथ में आ रही बाकी चुनौतियों की गहराई से जांच करेगी। टास्क फोर्स का मुख्य काम एक कोऑर्डिनेटेड रोडमैप तैयार करना है।
भारत में हो सकती है फॉर्मूला 1 की वापसी (फोटो साभार- @F1/X)
भारत में फिर गूंजेगी F1 कारों की आवाज
टास्क फोर्स यह देखेगी कि भारत में इंटरनेशनल मोटरस्पोर्ट्स इवेंट्स कराने से इकोनॉमिक, टूरिज्म और इन्वेस्टमेंट के लिहाज से क्या फायदे हो सकते हैं। साथ ही इसके लिए किस तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशनल जरूरतों और प्रायोरिटी की जरूरत होगी, इसका भी आकलन किया जाएगा। टास्क फोर्स एक कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी फ्रेमवर्क की जरूरत पर भी विचार करेगी और सेक्टर की ग्रोथ के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल की सिफारिश करेगी।
आखिरी बार 2013 में हुई थी रेस
इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता NITI Aayog के PD (YAS) युगल किशोर जोशी कर रहे हैं। इसमें खेल मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी कुणाल, कॉमर्स, टूरिज्म, CBIC और CBDT के प्रतिनिधि, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसके अलावा बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC) और मद्रास इंटरनेशनल सर्किट (MIC) के प्रतिनिधि, FMSCI के अध्यक्ष और उनके द्वारा नॉमिनेट टेक्निकल एक्सपर्ट भी मेंबर होंगे। सरकार बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर F1 को वापस लाने पर गंभीरता से विचार कर रही है, जहां आखिरी रेस 2013 में हुई थी।
खेल मंत्री ने किया BIC का दौरा
इस साल की शुरुआत में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने खुद ग्रेटर नोएडा स्थित BIC का दौरा किया था, जिसके बाद से कयास तेज हो गए थे। भारत में इंडियन ग्रां प्री 2011 से 2013 तक लगातार तीन साल तक BIC पर हुई थी। तीनों बार रेड बुल के सेबेस्टियन वेट्टल चैंपियन बने थे। पहली रेस 30 अक्टूबर 2011 को हुई थी। 2013 के बाद टैक्स विवाद और कस्टम ड्यूटी के पेंच में फंसकर F1 भारत से चली गई थी। सरकार ने F1 को एंटरटेनमेंट मानकर भारी टैक्स लगा दिया था। इसके बाद भारत ने सितंबर 2023 में BIC पर ही MotoGP रेस होस्ट की थी, लेकिन वो भी एक सीजन के बाद ही बंद हो गई। अब नई टास्क फोर्स से उम्मीद है कि टैक्स का मुद्दा सुलझेगा और भारत फिर से ग्लोबल मोटरस्पोर्ट्स मैप पर लौटेगा।
