FIFA World Cup 2026: विश्व कप फुटबॉल के ग्रुप चरण के आखिरी मैच में मैक्सिको ने चेक गणराज्य को 2-1 से हरा दिया। मैदान पर टीम का प्रदर्शन दमदार रहा, लेकिन स्टैंड्स में बैठे कुछ दर्शकों की हरकत ने इस जीत को विवादों में ला दिया। एज़्टेका स्टेडियम में करीब 87 हजार दर्शक मौजूद थे। मैच रोमांचक दौर में था जब पहले हाफ के आखिरी मिनटों में एक ऐसी घटना हुई जिसने फिर से मैक्सिकन फुटबॉल को शर्मसार कर दिया।
मैक्सिको की जीत पर लगा दाग (AP)
कब लगाया गया यह नारा
चेक गणराज्य के गोलकीपर मातेज कोवर जब गोल किक लेने के लिए तैयार हो रहे थे, तभी मैक्सिकन फैन्स के एक गुट ने स्पेनिश भाषा में बेहद आपत्तिजनक नारा लगाना शुरू कर दिया। इस अपशब्द का शाब्दिक अर्थ 'पुरुष वेश्या' होता है। स्टेडियम में मौजूद कमेंटेटर्स और टीवी पर मैच देख रहे दर्शकों ने भी इसे साफ सुना। यह नारा गोलकीपर का ध्यान भंग करने के इरादे से लगाया गया था।
मैक्सिकन फैंस का विवादित नारा
मैक्सिकन फैन्स का यह विवादित नारा नया नहीं है। इसकी शुरुआत करीब 25 साल पहले घरेलू लीग के मैचों से हुई थी। धीरे-धीरे यह राष्ट्रीय टीम के मैचों तक पहुंच गया। 2014 में ब्राजील में हुए विश्व कप के दौरान यह नारा पूरी दुनिया में वायरल हो गया था। इसके बाद 2018 रूस और 2022 कतर विश्व कप में भी मैक्सिको के मैचों के दौरान यह कई बार सुनाई दिया।
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फीफा इस नारे को समलैंगिक विरोधी और अपमानजनक मानता है। फीफा की अनुशासन समिति पहले भी कई बार मैक्सिको फुटबॉल महासंघ पर कार्रवाई कर चुकी है। पिछले 10 साल में सिर्फ इसी नारे की वजह से मैक्सिको पर 3 मिलियन डॉलर से ज्यादा का जुर्माना लग चुका है। दो बार टीम को वर्ल्ड कप क्वालिफायर मैच बिना दर्शकों के खाली स्टेडियम में खेलने पड़े। 2021 में तो फीफा ने चेतावनी दी थी कि अगर यह दोहराया गया तो मैक्सिको को अंक कटौती या टूर्नामेंट से बाहर करने तक की सजा मिल सकती है।
मैक्सिको फुटबॉल संघ की दर्शकों से अपील
मैक्सिको फुटबॉल महासंघ ने फैन्स से कई बार अपील की है कि वे इस नारे को न लगाएं। स्टेडियम में बड़े-बड़े बैनर, वीडियो स्क्रीन पर संदेश और सोशल मीडिया कैंपेन चलाए गए। इसके बावजूद कुछ फैन्स अपनी हरकत से बाज नहीं आते। इस बार भी फीफा के मैच कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में इस घटना का जिक्र किया है। तय है कि मैक्सिको पर फिर से भारी जुर्माना लगेगा। टीम अगले दौर में पहुंच चुकी है, लेकिन महासंघ की चिंता बढ़ गई है। मैदान पर मिली जीत को फैन्स की एक गलती ने दागदार बना दिया। अब देखना होगा कि फीफा इस बार कितनी सख्त सजा सुनाता है।
