Chess Olympiad Controversy: इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (FIDE) ने बुधवार को उन टीमों का खर्च वापस करने का वादा किया, जिन्हें उज़्बेकिस्तान के समरकंद में चेस ओलंपियाड के लिए पहुंचने के बाद रहने की व्यवस्था में हुई गड़बड़ी के कारण खुद कमरे किराए पर लेने पड़े। मंगलवार को समरकंद पहुंचने के बाद भारत समेत कुछ टीमों को घंटों इंतज़ार करना पड़ा और कुछ मामलों में खिलाड़ियों को कमरे शेयर करने पड़े या अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़े।
चेस ओलंपियाड में टीमों के रहने व खर्चे की व्यवस्था पर हंगामा (X/InternationalChessFederation)
FIDE ने एक बयान में कहा, "FIDE को इस बात का गहरा अफ़सोस है कि 2026 FIDE चेस ओलंपियाड के पहले दिन रहने की व्यवस्था में कमियों के कारण कुछ टीमों को सही जगह नहीं मिल पाई, जिससे उन्हें अपने खर्च पर शहर में कमरे किराए पर लेने पड़े। हालांकि रहने की व्यवस्था स्थानीय आयोजन समिति की ज़िम्मेदारी है और इस मामले में FIDE का कोई अधिकार नहीं है, फिर भी FIDE इस स्थिति से प्रभावित फेडरेशनों की मदद करना अपना कर्तव्य समझता है। इसके अनुसार, FIDE ने अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाए हैं और आधिकारिक तौर पर पुष्टि करता है कि जिन टीमों को अपने कमरे खुद लेने पड़े, उन्हें उचित स्तर के आवास के लिए तीन दिन तक का खर्च वापस किया जाएगा।"
विश्व संस्था ने यह भी कहा कि "जो टीमें ओलंपियाड के दौरान ऐसे आधिकारिक होटलों में रहने को मजबूर हैं जो FIDE-अनुमोदित मानकों को पूरा नहीं करते, उन्हें अतिरिक्त मुआवज़ा दिया जाएगा।" FIDE ने टीमों को हुई असुविधा के लिए माफ़ी मांगी।
इसने कहा, "FIDE को इन संगठनात्मक समस्याओं के होने पर गहरा अफ़सोस है और वह प्रभावित फेडरेशनों और टीमों से माफ़ी मांगता है। हालांकि कमियां आयोजन समिति के स्तर पर हुईं, लेकिन FIDE की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि इसके परिणामस्वरूप किसी भी फेडरेशन को वित्तीय नुकसान न हो। हमारा मूल उद्देश्य स्पष्ट है: हर भाग लेने वाले फेडरेशन के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाना चाहिए और उन्हें चेस ओलंपियाड के लिए तय की गई सुविधाएं मिलनी चाहिए।"
