कोलकाता: ईस्ट बंगाल ने एडमंड लालरिंडिका की हैट्रिक की बदौलत शानदार प्रदर्शन करते हुए रविवार को मोहन बागान को 4-1 से करारी शिकस्त दी और रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए 17वां डूरंड कप खिताब जीत लिया। इस जीत के साथ ईस्ट बंगाल का 22 साल से चला आ रहा ट्रॉफी का इंतजार भी खत्म हो गया। ईस्ट बंगाल ने आखिरी बार 2004 में मोहन बागान को 2-1 से हराकर यह खिताब जीता था।
डूरंड कप 2026 की विजेता ईस्ट बंगाल (फोटो क्रेडिट Screen Grab)
लालरिंडिका ने जड़ी मैच जिताऊ हैट्रिक
एंटोनियो लोपेज हबास के मार्गदर्शन वाली ईस्ट बंगाल की टीम सर्वश्रेष्ठ लय में नजर आई। कप्तान मोहम्मद राशिद ने मिडफील्ड को संभाला और हमलों को नाकाम किया। ईस्ट बंगाल ने पहले रोमांचक हाफ में चार गोल दागकर अपने चिर प्रतिद्वंद्वी को शुरुआत में ही झटका दे दिया। राशिद ने 10वें मिनट में बिपिन सिंह को शुरुआती गोल करने में मदद की और बाद में 44वें मिनट में लालरिंडिका के हैट्रिक गोल में भी मदद की।
जेसिन टीके की जगह एकमात्र फॉरवर्ड के रूप में उतरे लालरिंडिका ने इससे पहले 12वें और 22वें मिनट में गोल किए। इस तरह ईस्ट बंगाल ने पहले हाफ में ही मोहन बागान की खिताब जीतने की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया। मनवीर सिंह ने मोहन बागान के लिए 33वें मिनट में एक गोल किया। हालांकि मौजूदा इंडियन सुपर लीग चैंपियन ईस्ट बंगाल ने अपनी मजबूत और अनुशासित खेल शैली बनाए रखी और जीत दर्ज की।
चुकता किया 2023 के फाइनल का हिसाब
इस जीत के साथ उसने 2023 के फाइनल में मिली 0-1 की हार का बदला भी ले लिया जिसमें मोहन बागान ने रिकॉर्ड 17वां डूरंड कप खिताब जीता था। इस नतीजे के साथ कोलकाता के दोनों दिग्गज क्लब अब बराबरी पर आ गए हैं। एशिया की सबसे पुरानी प्रतियोगिता के 135 साल के इतिहास में ईस्ट बंगाल और मोहन बागान दोनों के नाम 17-17 डूरंड कप खिताब हैं।
ईस्ट बंगाल ने आधे घंटे में खस्ता की मोहन बागान की हालत
हबास की टीम ने स्वप्निल शुरुआत की और आधे घंटे का खेल पूरा होने से पहले ही ईस्ट बंगाल ने मोहन बागान की स्थिति बेहद मुश्किल कर दी। इस तरह ईस्ट बंगाल ने पहले हाफ में पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। बिपिन ने 10वें मिनट में बाएं पैर से शानदार फिनिश करते हुए ईस्ट बंगाल को बढ़त दिलाई। कप्तान राशिद ने गेंद बिपिन की ओर बढ़ाई जिन्होंने बॉक्स के अंदर से शांतचित्त होकर शॉट लगाया जो गोलकीपर विशाल कैथ को छकाते हुए नेट में जा पहुंचा। मोहन बागान अभी संभल भी नहीं पाया था कि ईस्ट बंगाल ने दूसरा गोल कर दिया। एडमंड ने काउंटर अटैक पर तेजी से आगे बढ़ते हुए करीब 20 गज की दूरी से जोरदार शॉट लगाया। गेंद कैथ से लगकर डिफ्लेक्ट हुई और नेट में चली गई।
ईस्ट बंगाल ने 22वें मिनट में बना ली थी 3-0 की बढ़त
एडमंड ने 22वें मिनट में फिर गोल किया। इस बार उन्होंने खाली गोल में गेंद डालकर अपनी टीम की बढ़त 3-0 कर दी। हार्दिक भट्ट ने बाईं ओर से डेनियल रमिरेज को पास दिया। रमिरेज ने एडमंड के लिए मौका बनाया और इस स्ट्राइकर ने गेंद को बॉक्स में ले जाकर कैथ को छकाते हुए खाली गोल में गेंद डाल दी। कप्तान राशिद एक बार फिर 44वें मिनट में हुए गोल में शामिल रहे। उन्होंने बॉक्स के दूर वाले हिस्से की ओर शानदार क्रॉस दिया, जहां तेजी से पहुंचे जय गुप्ता ने गेंद को गोल के सामने पहुंचाया और एडमंड ने आसानी से उसे टैप करके गोल में डाल दिया। इस गोल के साथ एडमंड ने अपनी हैट्रिक पूरी की।
मनवीर ने मोहन बागान के लिए एकलौता गोल
ड्रिंक्स ब्रेक के बाद मनवीर ने मोहन बागान के लिए एक गोल किया और स्कोर 4-1 कर दिया। हबास के लिए यह जीत भावनात्मक रूप से भी खास रही क्योंकि कोलकाता डर्बी की दोनों टीम से उनके गहरे संबंध रहे हैं। स्पेनिश कोच ने इससे पहले 2014 और 2019-20 में एटीके (एटलेटिको डि कोलकाता) को दो आईएसएल खिताब दिलाए थे। उन्होंने मोहन बागान के साथ भी सफल कार्यकाल बिताया था, लेकिन इस बार ईस्ट बंगाल के डगआउट से उन्होंने अपने पूर्व क्लब को मात दी। ऑस्कर ब्रूजोन के जाने के बाद नयी टीम की जिम्मेदारी संभालने वाले हबास ने जल्द ही अपनी छाप छोड़ दी। उन्होंने टीम में रक्षात्मक मजबूती, मिडफील्ड में बेहतर तालमेल और अनुशासित खेल की संस्कृति विकसित की।
(भाषा)
