स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। लंबे ब्रेक के बाद नीरज चोपड़ा ने मैदान पर वापसी की। हालांकि, यह वापसी थोड़ी फीकी रही। दोहा डायमंड लीग 2026 में नीरज को चौथा स्थान मिला, लेकिन खुशी की बात यह है नीरज ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। वह ग्लास्गो में 23 जुलाई से दो अगस्त तक आयोजित होने वाले टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे।
नीरज चोड़पा ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए किया क्वालीफाई। फोटो सोशल मीडिया
दोहा डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा ने बेस्ट थ्रो 85.69 मीटर का किया। इस इवेंट में कुछ ही बड़े थ्रो देखने को मिले। सबसे बड़ा थ्रो श्रीलंका के उभरते हुए जैवलिन सुपरस्टार और मौजूदा वर्ल्ड लीड रुमेश थरंगा पथिराज ने किया। रुमेश ने चौथे राउंड में 88.68 मीटर का बेस्ट थ्रो फेंककर दोहा लेग जीता और गोल्ड मेडल हासिल किया।
नीरज को करना पड़ा संघर्ष
दूसरे नंबर पर एंडरसन पीटर्स रहे, जिन्होंने 86.38 मीटर का बेस्ट थ्रो किया और उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। जबकि मौजूदा वर्ल्ड चैंपियनशिप के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट कर्टिस थॉम्पसन ने 85.99 मीटर का बेस्ट थ्रो किया और तीसरे नंबर पर रहे। आम तौर पर 90 मीटर से ज्यादा दूर तक थ्रो फेंकने के लिए मशहूर इस जगह पर थ्रोअर्स को अपनी लय पाने में संघर्ष करना पड़ा। पिछले साल नीरज चोपड़ा ने इस लीग का एकमात्र 90 मीटर थ्रो किया था और वह दूसरे स्थान पर रहे थे।
कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई
नीरज ने फाउल के साथ शुरुआत की। दूसरे प्रयास में 82.77 मीटर का थ्रो किया। तीसरे राउंड में उन्होंने 85.69 मीटर का थ्रो किया। इसके बाद उन्होंने 83.45 मीटर का थ्रो किया और जब वे टॉप तीन में जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे, तो पांचवें राउंड में फाउल कर बैठे। डायमंड लीग में केवल टॉप तीन खिलाड़ियों को ही छठे राउंड में थ्रो करने का मौका मिला। मतलब वह छठे राउंड में थ्रो नहीं कर पाए और 85.69 मीटर के थ्रो के साथ वह चौथे स्थान पर रहे।
वहीं, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के 83.5 मीटर के क्वालिफिकेशन स्टैंडर्ड को पार करते हुए नीरज चोपड़ा ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। वह 23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित होने वाले टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
