स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई में अपनी पहली जीत से वापसी की राह पर अग्रसर भारत आज होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में जीत दर्ज कर सीरीज पर कब्जा करने उतरेगी। वहीं, मेजबान जिम्बाब्वे भी वापसी की ताक में है। आयरलैंड (0-2) और इंग्लैंड (0-4) से हारने के बाद तीन बार के टी20 विश्व कप विजेता भारत ने गुरुवार को तीन मैच की सीरीज के पहले मैच में हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को सात विकेट से हराकर 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।
भारत और जिम्बाब्वे के बीच दूसरा टी20 मैच।
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की 19 गेंद में खेली गई 50 रन की पारी और मयंक यादव (4 ओवर में 18 रन देकर 2 विकेट) की तूफानी गेंदबाजी ने भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि, जिम्बाब्वे ने हाल में अपने घरेलू मैदानों पर अच्छा प्रदर्शन किया था। भारत ने सूर्यवंशी के अर्धशतक, ईशान किशन के 35 रन और कप्तान अय्यर की 28 रन की नाबाद पारी की बदौलत 6 ओवर और 7 विकेट शेष रहते हुए 126 रन के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर दिया।
सूर्यवंशी को भी मिलेगी राहत
दो साल पहले हरारे स्पोर्ट्स क्लब में अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करते हुए अपने दूसरे ही मैच में ही शतक बनाने वाले अभिषेक शर्मा पहले मैच में नहीं चल पाए थे। वह उसकी भरपाई करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। सूर्यवंशी ने टी20 अंतरराष्ट्रीय में अर्धशतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी होने का रिकॉर्ड बनाया। इस युवा बल्लेबाज को इससे काफी राहत मिली होगी, क्योंकि इंग्लैंड दौरे पर उन्हें विशेष रूप से शॉर्ट पिच गेंद से निशाना बनाया जा रहा था।
तेज गेंदबाजों ने दिखाया दम
भारतीय टीम प्रबंधन हालांकि, बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन से ज्यादा युवा तेज गेंदबाजी आक्रमण के सामूहिक प्रयास से खुश होगा। वीवीएस लक्ष्मण इस सीरीज में मुख्य कोच की भूमिका निभा रहे हैं। भारत ने परिस्थितियों से अच्छी तरह से तालमेल बिठाया। तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने भी इस मैच में अच्छा प्रदर्शन किया और 29 रन देकर दो विकेट लिए। अशोक शर्मा ने भी अपनी गति से प्रभावित किया, लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला।
लेकिन सबसे बड़ी उपलब्धि दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मयंक की शीर्ष स्तरीय क्रिकेट में सफल वापसी थी, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू के बाद चोटिल के कारण लगभग दो साल मैदान से बाहर रहे।
रविवार को अंतिम मुकाबला
पहले मैच में मयंक की गति और नियंत्रण दोनों ही बेहतरीन थे, जिसमें जिम्बाब्वे के प्रमुख बल्लेबाज ब्रायन बेनेट को बाहर की तरफ स्विंग लेने वाली गेंद पर आउट करना महत्वपूर्ण था। जिम्बाब्वे को पावरप्ले में जरूरत से ज्यादा विकेट गंवाने का अफसोस रहेगा। उसके बल्लेबाज भारतीय तेज गेंदबाजों का सामना करने में नाकाम रहे और भारत के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य नहीं रख पाए। इस सीरीज का तीसरा और अंतिम मैच रविवार को खेला जाएगा।
