पोर्ट ऑफ स्पेन: वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में पदार्पण के साथ पारी की शुरूआत करके शानदार प्रदर्शन करने वाले यशस्वी जायसवाल ने इसका श्रेय कप्तान रोहित शर्मा के साथ क्रीज पर लगातार बात करते रहने को दिया है। जायसवाल और रोहित ने डॉमिनिका में पहले टेस्ट में 229 रन की साझेदारी की थी जबकि यहां दूसरे टेस्ट में 139 रन की साझेदारी करके भारत को अच्छी शुरुआत दी।
यशस्वी जायसवाल
अच्छा लगता है रोहित भैया के साथ बल्लेबाजी करना
पहले टेस्ट में 171 रन बनाने के बाद यहां 74 गेंद में 57 रन बनाने वाले जायसवाल ने कहा, 'रोहित भैया के साथ बल्लेबाजी करना अच्छा लगता है। हम लगातार हालात के बारे में बात करते रहते हैं और आगे कैसे खेलना है, हम क्या कर सकते हैं वगैरह। उनके साथ बल्लेबाजी करना शानदार है।'
सुनो सबकी करो मन की
जायसवाल ने कहा कि उनकी सफलता का राज यह है कि वह हर किसी के अनुभव से सीखते हैं लेकिन करते वही है जो उन्हें रास आता है। राहुल द्रवि़ड़, विराट कोहली और बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड से मिली सलाह के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, 'हर किसी का चीजों को बताने का अपना तरीका है और अपना अनुभव है। मैं सभी की सुनता हूं और जो मेरे खेल के अनुकूल होता है, वह करता हूं। अनुभवी खिलाड़ी जब बोलते हैं तो सीखने के लिये बहुत कुछ होता है। मैं उसे सुनता हूं और अपने खेल के अनुरूप उसे अपनाने की कोशिश करता हूं । उनके अनुभव से छोटी छोटी बातें सीखना बहुत अच्छा लगता है।'
जब बल्लेबाजी करूं तब अच्छा प्रदर्शन करूं
यह पूछने पर कि सब कुछ पाने के लिये काफी संघर्ष झेलने के कारण क्या हर प्रारूप में उनके भीतर रन बनाने की भूख है, जायसवाल ने कहा,'हां। मेरी यही इच्छा है कि जब भी बल्लेबाजी के लिये उतरूं तो टीम के लिये सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूं। हर मैच में योगदान देना चाहता हूं।'
पहले मैच में दोहरे शतक से चूकने का दुख जताते हुए उन्होंने कहा,'निश्चित तौर पर मैं दुखी हूं। लेकिन यह होता है। मुझे हर अनुभव से सीखना है। जब भी बल्लेबाजी करूं तो लंबी पारी खेलने की कोशिश करूं। दबाव का, हालात का, विकेट का , माहौल का हर चीज का मजा ले रहा हूं।'
