नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने गुरुवार को ऐतिहासिक कदम उठाते हुए देश के सबसे लोकप्रिय खेल में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के मकसद से केंद्रीय अनुबंधित महिला और पुरुष क्रिकेटरों को समान मैच फीस देने का फैसला किया है। नयी व्यवस्था के तहत बीसीसीआई महिला क्रिकेटरों को भी अब पुरुष क्रिकेटरों के समान प्रत्येक टेस्ट के लिए 15 लाख रुपये, वनडे के लिए छह लाख और टी20 के लिए तीन लाख रुपये मैच फीस देगा।
हरमनप्रीत कौर( स्क्रीन ग्रैब स्टार स्पोर्ट्स)
अब क्रिकेट को प्रोफेशनल करियर के रूप में चुनेंगी लड़कियांबीसीसीआई के इस फैसले पर भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने खुशी जताई है। हरमनप्रीत ने कहा, मैं बहुत खुश हूं कि बीसीसीआई ने ये फैसला किया है। क्योंकि हमने हमेशा समान वेतन की बात की है। पहली बार महिला क्रिकेटरों को पुरुष क्रिकेटरों के बराबर वेतन मिलेगा। मुझे विश्वास है कि इस फैसले के बाद भारत में अब बहुत सी लड़कियां क्रिकेट को प्रोफेशनल करियर के रूप में चुनेंगी। मैं बहुत खुश हूं और बीसीसीआई को इस फैसले के लिए धन्यवाद देती हूं।
इस फैसले से महिला क्रिकेट की होगी उन्नति: बिन्नी
इससे पहले महिला खिलाड़ियों को प्रत्येक एकदिवसीय और टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के लिए एक लाख रुपये दिए जाते थे जबकि टेस्ट मैच की फीस चार लाख रुपये थी। बीसीसीआई की शीर्ष परिषद की आपात बैठक में यह फैसला किया गया। बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी ने कहा, 'इस फैसले से क्रिकेट की प्रगति और विकास का मंच तैयार होगा। मेरा मानना है कि यह महिला क्रिकेट और कुल मिलाकर खेल के लिए महत्वपूर्ण कदम होगा।'यह है ऐतिहासिक फैसला: जय शाह
बीसीसीआई सचिव जय शाह ने कहा, 'यह एक ऐतिहासिक फैसला है और हम भारतीय क्रिकेट के नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। मैं बीसीसीआई की शीर्ष परिषद में अपने साथियों को धन्यवाद देना चाहता हूं।' इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड क्रिकेट समान मैच फीस लागू करने वाला पहला बोर्ड था जबकि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की लैंगिक असमानता को दूर करने की दिशा में काम कर रहा है। भारत समान वेतन की व्यवस्था लागू करने वाला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ दूसरा देश है।(भाषा इनपुट के साथ)
