Duleep Tophy, Vaibhav Suryavanshi: भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा सितारों में शामिल 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का दलीप ट्रॉफी डेब्यू यादगार नहीं बन सका। बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ वैभव पहली पारी में महज 6 गेंदें ही टिक सके। हालांकि, रन नe बनने के बावजूद मैदान पर उनकी जर्सी को लेकर बना रहस्य चर्चा का विषय जरूर बन गया।
वैभव सूर्यवंशी ने अपनी जर्सी नंबर पर टेप क्यों लगाया? (X)
क्रीज पर सिर्फ 6 गेंदें: आक्रामक शुरुआत के बाद पवेलियन लौटे
ईशान किशन के उप-कप्तान के रूप में मैदान पर उतरे सूर्यवंशी से सभी को आक्रामक पारी की उम्मीद थी। उन्होंने अपनी चिर-परिचित शैली में शुरुआत करते हुए पहली ही गेंदों से आक्रामक रुख अपनाया और दो शानदार चौके (8 रन) जड़े। हालांकि, नॉर्थ ईस्ट जोन के तेज गेंदबाज बिश्वोरजीत कोंथौजम ने उनके इस आक्रमण पर जल्द ही विराम लगा दिया और उन्हें पवेलियन का रास्ता दिखा दिया।
जर्सी नंबर 3 का रहस्य और मां की न्यूमरोलॉजी सलाह
मैच के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान वैभव की ईस्ट जोन जर्सी ने खींचा। जब वे आउट होकर लौट रहे थे, तो जर्सी के पीछे लिखे नंबर के एक हिस्से पर टेप चिपका हुआ था। क्रिकेट के गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि वैभव अपने पसंदीदा 'नंबर 3' के साथ ही मैदान पर उतरना चाहते थे। IPL में राजस्थान रॉयल्स और भारतीय जूनियर टीमों का प्रतिनिधित्व करते हुए वे इसी नंबर की जर्सी पहनते हैं। वो बता भी चुके हैं कि, "मेरी मां ने मुझसे कहा था कि 12 नंबर लेने का कोई फायदा नहीं है, सीधे 3 नंबर ही लेते हैं।" न्यूमरोलॉजी और अपनी मां की सलाह से जुड़ा यह नंबर उनके लिए केवल एक पहचान नहीं, बल्कि निजी विश्वास का प्रतीक बन चुका है।
मैच में क्या कुछ हुआ
वैभव के सस्ते में आउट होने के बावजूद ईस्ट जोन ने मैच पर पूरी तरह से शिकंजा कस लिया। स्कोर टाइमलाइन कुछ इस प्रकार रही।
-ईस्ट जोन का विशाल स्कोर: शाहबाज अहमद और सुदीप कुमार घरामी के शानदार शतकों की मदद से टीम ने 467 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया।
अभिजीत सरकार का पंजा: गेंदबाज अभिजीत के. सरकार ने 5 विकेट चटकाकर नॉर्थ ईस्ट जोन को पहली पारी में महज 111 रनों पर ढेर कर दिया।
फॉलो-ऑन लागू: ईस्ट जोन ने विपक्षी टीम को पहली पारी में समेटने के बाद फॉलो-ऑन खेलने पर मजबूर कर दिया।
15 साल की उम्र में फर्स्ट-क्लास क्रिकेट की राह पर कदम रख चुके वैभव सूर्यवंशी के लिए यह छोटी सी पारी भले ही निराशाजनक रही हो, लेकिन दिग्गजों का मानना है कि रेड-बॉल फॉर्मेट का यह अनुभव उनके लंबे करियर के लिए बेहद अहम साबित होगा।
