कप्तान एलिसा हीली की 142 रन की मैराथन पारी और अनाबेल सदरलैंड के पांच विकेट के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने महिला विश्व कप के इतिहास में सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए रविवार को भारत को तीन विकेट से हराकर सेमीफाइनल की उसकी राह मुश्किल कर दी।जीत के लिये 331 के रिकॉर्ड लक्ष्य को हीली की पारी ने आसान बना दिया जिन्होंने 107 गेंद में 21 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 142 रन बनाये और एलिसे पैरी ने चोट के कारण मैदान छोड़ने के बाद वापसी करके स्नेह राणा को छक्का लगाकर एक ओवर बाकी रहते टीम को जीत तक पहुंचाया।सात बार की चैम्पियन आस्ट्रेलियाई टीम ने वनडे क्रिकेट में पहली बार तीन सौ से अधिक के लक्ष्य का पीछा करके कामयाबी हासिल की है । इससे पहले फॉर्म में लौटी स्मृति मंधाना (80) और प्रतिका रावल (75) के बीच पहले विकेट की 155 रन की साझेदारी की मदद से भारत ने विश्व कप में अपना सर्वोच्च स्कोर 330 रन बनाया हालांकि सदरलैंड ने पांच विकेट चटकाकर मेजबान पारी को सात गेंद पहले ही समेट दिया । भारत ने आखिरी छह विकेट 36 रन के भीतर गंवा दिये जिसका खामियाजा भुगतना पड़ा।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम, कल का मैच कौन जीता
ऑस्ट्रेलिया ने जीता टॉस:
भारत के खिलाफ अहम मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपनी एकादश में एक बदालव किया जबकि भारतीय टीम बगैर किसी बदलाव के मैच में उतरी।
मंधाना-प्रतिका ने दिलाई भारत को दमदार शुरुआत
टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल की सलामी जोड़ी ने दमदार शुरूआत दी। पहले तीन मैचों में 54 रन ही बना सकी स्मृति ने पहले ही ओवर में किम गार्थ को कवर ड्राइव पर चौका लगाकर अपने इरादे जाहिर कर दिये थे। वहीं दूसरे छोर पर प्रतिका ने उनका बखूबी साथ निभाते हुए चौथे ओवर में मेगान शूट को मिड आन पर और अगले ओवर में गार्थ को मिडविकेट पर चौका लगाया। इस मैच में जॉर्जिया वेयरहेम की जगह खेल रही मोलिनू को आठवें ओवर में स्मृति ने लांग आन के ऊपर दर्शनीय छक्का जड़ने के अलावा दो चौके भी लगाये । भारत की दोनों बल्लेबाजों ने आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के साथ फील्डरों पर भी दबाव बनाये रखा।
46 गेंद में मंधाना ने पूरा किया अर्धशतक
नौवें ओवर में प्रतिका ने गार्डनर की गेंद पर हवाई शॉट खेला लेकिन अपने दाहिनी ओर डाइव लगाकर भी ताहलिया मैकग्रा गेंद लपक नहीं सकी। अगली गेंद पर दिल्ली की इस बल्लेबाज ने लांग आन पर छक्का लगाया। गार्डनर को स्मृति ने भी 16वें ओवर में कवर और प्वाइंट के बीच में से दो चौके जड़े और टूर्नामेंट में अपना पहला अर्धशतक 46 गेंदों में पूरा किया । प्रतिका ने भी 22वें ओवर में शूट को लगातार दो चौके लगाकर आस्ट्रेलियाई कप्तान एलिसा हीली की चिंता बढा दी। स्मृति ने 24वें ओवर में मैकग्रा को प्वाइंट के ऊपर से ऊंचा शॉट खेला और सीमारेखा पर खड़ी एलिसे पैरी ने गेंद को पकड़ भी लिया था लेकिन संतुलन नहीं बना सकी और सीमारेखा पार करके गेंद उनके हाथ से छूट गई।
शतक से चूकीं मंधाना, भारत को लगा पहला झटका
काफी महंगी साबित हो रही मेलिन्यू पर भरोसा बरकरार रखते हुए हीली ने उनसे गेंदबाजी कराना जारी रखा और आखिर स्मृति को आउट करके उन्होंने इस साझेदारी को तोड़ा। भारत का पहला विकेट 25वें ओवर में गिरा जब मेलिन्यू ने स्लॉग स्वीप खेलने का प्रयास कर रही स्मृति को डीप मिडविकेट पर फीबी लिचफील्ड के हाथों लपकवाया। मधाना 80 (66) रन बनाकर आउट हुईं। 153 के स्कोर पर भारत को पहला झटका लगा।
192 रन पर भारत को लगा दूसरा झटका
मंधाना के आउट होने के बाद नई बल्लेबाज हरलीन देयोल ने मोलिनू को लांग ऑफ पर छक्का लगाकर दबाव कम किया और अपने वनडे करियर के एक हजार रन भी पूरे किये। दूसरे छोर पर इत्मीनान से खेल रही प्रतिका का संयम टूटा और अनाबेल सदरलैंड की गेंद पर 31वें ओवर में उन्होंने खराब पूल शॉट खेला जिसे सीमारेखा पर खड़ी पैरी ने लपक लिया। प्रतिका 75(96) रन बनाकर आउट हुईं। भारतीय टीम को दूसरा झटका 31वें ओवर की पहली गेंद पर 192 के स्कोर पर लगा।
फिर नहीं चला कप्तान हरमनप्रीत का बल्ला
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2017 विश्व कप के सेमीफाइनल में 115 गेंद में 171 रन बनाकर भारत को यादगार जीत दिलाने वाली कप्तान हरमनप्रीत ने 35वें ओवर में शूट को दो चौके लगाकर फॉर्म में लौटने के संकेत दिये। लग रहा था कि पहले तीन मैचों में खामोश रहा हरमनप्रीत का बल्ला उनकी पसंदीदा प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ चलेगा लेकिन अच्छी शुरूआत को वह फिर बड़ी पारी में नहीं बदल सकीं। वह 17 गेंद में 22 रन बनाकर मेगन शूट की गेंद पर मेलिन्यू को कैच देकर लौटीं। अगले ही ओवर में मेलिन्यू ने देओल (42 गेंद में 38 रन) को आउट करके भारत को लगातार दूसरा झटका दिया।
ऋचा और जेमिमा के बीच हुई अर्धशतकीय साझेदारी
इससे पहले टूर्नामेंट में तीन में से दो मैचों में खाता भी नहीं खोल सकी जेमिमा रौड्रिग्स ने आते ही शूट को चौका जड़ा । पिछले मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आठवें नंबर पर 94 रन की यादगार पारी खेलने वाली रिचा घोष खुशकिस्मत रही कि शूट की गेंद पर लिचफील्ड दौड़ते हुए मिड ऑफ पर उनका कैच नहीं लपक सकी। रिचा ने एलेना किंग को डीप स्क्वेयर लेग पर और 41वें ओवर में मैक्ग्रा को लॉन्ग ऑफ पर जबर्दस्त छक्का लगाया। उन्होंने सदरलैंड को 43वें ओवर में चौका लगाकर रौड्रिग्स के साथ 30 गेंद में 50 रन की साझेदारी पूरी की। वह हालांकि एक और बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में लांग आन पर कैच दे बैठीं। उन्होंने 22 गेंद में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से उपयोगी 32 रन बनाये।
अमनजोत ने पहुंचाया टीम इंडिया को 300 के पार
अमनजोत कौर ने आते ही मेलिन्यू के खिलाफ चौका और फिर दो रन लेकर भारत को 300 रन के पार पहुंचा दिया। रौड्रिग्स 21 गेंद में 33 रन बनाकर सदरलैंड का तीसरा शिकार बनी और धीमी गेंद पर चकमा खाकर मिडआफ पर बेथ मूनी को कैच थमा दिया। भारतीय टीम के विकेटों की अंतिम ओवरों में झड़ी लग गई। पूरी टीम 48.5 ओवर में 330 रन बनाकर ढेर हो गई। अंतिम 6 विकेट भारत ने 36 रन के अंतर पर गंवा दिए। ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा पांच विकेट एलाबेल सदरलैंड ने लिए। वहीं सोफी मेलिन्यू को 3 विकेट मिले। एक एक सफलता मेगन शूट और एश्ले गार्डनर के हाथ लगी।
हीली और लिचफील्ड ने दिलाई ऑस्ट्रेलिया को धमाकेदार शुरुआत
जीत के लिए 331 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को कप्तान एलिसा हीली और फीबी लिचफील्ड ने ठोस शुरूआत करते हुए भारतीय तेज गेंदबाजों की ढीली गेंदों को नसीहत देकर आसानी से रन बनाये। ऑस्ट्रेलिया के 50 रन 44 गेंद में ही बन गए थे और लिचफील्ड ने दसवें ओवर में अमनजोत कौर को चार चौके जड़कर दबाव बन दिया। वह जब 35 रन पर थी तब अमनजोत की गेंद पर विकेट के पीछे रिचा ने स्टम्पिंग का आसान मौका गंवाया।
श्रीचरणी ने दिलाई भारत को पहली सफलता
गेंदबाजों को सफलता नहीं मिलती देख कप्तान हरमनप्रीत ने 12वें ओवर में स्थानीय स्टार स्पिनर श्री चरणी को गेंद सौंपी जिसने भारत को पहली सफलता दिलाते हुए इस खतरनाक साझेदारी को तोड़ा। उन्हें रिवर्स स्वीप लगाने के प्रयास में लिचफील्ड ने बैकवर्ड प्वाइंट पर स्नेह राणा को कैच थमा दिया। ऑस्ट्रेलिया का पहला विकेट 85 के स्कोर पर गिरा। इसके बाद हीली ने अनुभवी एलिसे पैरी के साथ 69 रन की साझेदारी करके आस्ट्रेलिया का दबदबा बनाये रखा। पैरी को 24वें ओवर में मैदान छोड़ना पड़ा जब श्रीचरणी की गेंद का सामना करते हुए उन्हें अचानक फिजियो की मदद लेनी पड़ी और आगे वह खेल नहीं सकीं।
नहीं चला बेथ मूनी का बल्ला, 170 रन पर ऑस्ट्रेलिया ने गंवाए 3 विकेट
पाकिस्तान के खिलाफ पिछले मैच में शतक जमाकर टीम को संकट से निकालने वाली बेथ मूनी चार रन बनाकर आउट हो गई। दीप्ति शर्मा की गेंद पर जेमिमा ने बायें ओर डाइव लगाकर उनका बेहतरीन कैच लपका। वहीं अनाबेल को श्रीचरणी ने खाता भी खोलने का मौका नही देकर बोल्ड कर दिया। ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 28वें ओवर में तीन विकेट पर 170 रन था।हीली ने दूसरे छोर पर डटकर बल्लेबाजी करते हुए 32वें ओवर में राणा की धुनाई करके 16 रन निकाले । उन्होंने चौका जड़ने के बाद एक रन लेकर शतक (84 गेंद में 15 चौके और एक छक्का) पूरा किया और आखिरी गेंद पर स्लॉग स्वीप लगाकर डीप मिडविकेट में छक्का जड़कर आस्ट्रेलिया के 200 रन पूरे किये।
हीली ने खेली कप्तानी पारी, चोटिल ऐलिस पैरी ने दिलाई जीत
ऐलिसा हीली एक छोर पर टिकी रहीं औप उन्होंने अपना शतक 84 गेंद में 15 चौके और एक छक्के की मदद से पूरा किया। हीली 142 रन की पारी खेलकर पवेलियन लौटीं। वो जब आउट हुईं तब ऑस्ट्रेलिया ने 265 रन चार विकेट के नुकसान पर बना लिए थे। ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिये 67 गेंद में 66 रन की जरूरत थी। इसके बाद एशले गार्डनर (46 गेंद में 45) और पैरी ने ऑस्ट्रेलिया को जीत तक पहुंचाया। पैरी को 32 के स्कोर पर फिटनेस कारणों से मैदान से जाना पड़ा था लेकिन वह आखिर में बल्लेबाजी के लिये उतरी और फिनिशर की भूमिका निभाई। उन्होंने 49वें ओवर की पांचवीं गेंद पर स्नेह राणा के खिलाफ विजयी छक्का जड़ा। भारत के लिये स्थानीय स्टार स्पिनर श्रीचरणी सबसे कामयाब गेंदबाज रही जिन्होंने दस ओवर में 41 रन देकर तीन विकेट लिये जबकि दीप्ति शर्मा को दो विकेट मिले।
(भाषा इनपुट के साथ)
