मुंबई: टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा लॉर्ड्स में 19 जुलाई को अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मुकाबला खेल सकते हैं। रोहित शर्मा की साल 2027 के वनडे विश्व कप के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के ऐलान की योजना थी लेकिन बीसीसीआई के टीम मैनेजमेंट ने उनसे आगे बढ़ने का फैसला कर लिया है। मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर और हेड कोच गौतम गंभीर ने रोहित को संदेश दे दिया है कि वो टीम मैनेजमेंट की 2027 के विश्व कप की योजना का हिस्सा नहीं है। टीम मैनेजमेंट यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी को मौका देना चाहती है। मैनेजमेंट की तरफ से रोहित पर संन्यास लेने का दबाव नहीं डाला गया है लेकिन इंग्लैंड दौरे के बाद उन्हें वनडे टीम में नहीं चुना जाएगा।
रोहित शर्मा
बुरे खिलाड़ी नहीं हैं रोहित
ऐसे में रोहित शर्मा के बचपन के कोच सिद्धेश लाड ने भी प्रतिक्रिया दी है। लाड ने कहा है कि वो रोहित शर्मा को साल 2027 के वर्ल्ड कप में खेलता देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा,'अगर वह रिटायर होते हैं, तो यह निश्चित रूप से एक युग का अंत होगा। रोहित एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं। उनका फॉर्म ऊपर-नीचे होता रहता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह बुरे खिलाड़ी हैं। मैं चयनकर्ताओं की सोच पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता, लेकिन मैं उन्हें वर्ल्ड कप में खेलते हुए देखना चाहता हूं।'
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क्या उम्र बनी है रोहित की राह का रोड़ा?
लाड से यह पूछा गया कि क्या 39 साल के रोहित की उम्र का चयनकर्ताओं की सोच में असर पड़ा है। तो इसके जवाब में उन्होंने कहा, कि रोहित अभी भी खेलने के हकदार हैं। उन्होंने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उन्होंने साल 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी के बाद रोहित के कप्तानी छोड़ने के मुद्दे पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने कहा,'मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता, मैं किसी भी फैसले के खिलाफ कुछ नहीं कह सकता।'
