नए कप्तान के नेतृत्व में मौजूदा टी20 वर्ल्ड चैंपियन एक जीत की तलाश कर रहा है, लेकिन अय्यर की कप्तानी में उसे यह नसीब नहीं हो रहा है। आयरलैंड जैसी कमजोर टीम के खिलाफ क्लीन स्वीप झेलने के बाद टीम मैनेजमेंट सहित फैंस का भरोसा अपने खिलाड़ियों से धीरे-धीरे ही सही कम होता जा रहा है। ऐसे में डर है कि कहीं जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में भी कुछ अनहोनी ना हो जाए। हालांकि, इसकी संभावना कम लगती है, क्योंकि सीरीज में टीम गौतम गंभीर नहीं बल्कि वीवीएस लक्ष्मण की निगरानी में उतरेगी।
वीवीएस लक्ष्मण (साभार-AI Image)
लक्ष्मण की कोचिंग की बात करें तो टीम इंडिया लकी साबित रही है। जब-जब टीम उनके निगरानी में उतरी है, उसे कामयाबी मिली है। केवल एक बार ऐसा हुआ है जब लक्ष्मण टीम के साथ जुड़े थे और हार देखना पड़ा था।
साल 2022 में पहली बार मिली जिम्मेदारी
पहली बार वीवीएस लक्ष्मण इस रोल में साल 2022 में जुड़े थे। आयरलैंड के खिलाफ 2 मैच की इस टी20 सीरीज में टीम इंडिया 2-0 से जीत दर्ज करने में सफल रही थी। इसके बाद एशिया कप 2022 में भी टीम के साथ लक्ष्मण थे। लेकिन उनका लक काम नहीं आया और टीम फाइनल में नहीं पहुंच पाई। लक्ष्मण की कोचिंग में एकमात्र असफलता यही रही है।
2023 में जीता गोल्ड मेडल
एशियन गेम्स में भी टीम लक्ष्मण की निगरानी में उतरी थी। रुतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में टीम इंडिया ने गोल्ड मेडल जीता। साल 2024 में टीम एक बार फिर जिम्बाब्वे दौरे पर गई जहां टीम इंडिया ने 4-1 से जीत दर्ज की। हालांकि, उस वक्त टीम की कमान शुभमन गिल के पास थी।
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क्या फिर काम आएगा लक्ष्मण का लक
दो साल बाद एक बार फिर टीम इंडिया जिम्बाब्वे का दौरा कर रही है। टीम के साथ वीवीएस लक्ष्मण हैं, लेकिन इस बार स्थिति अलग है। टी20 टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है। कप्तान नया है और एक जीत के लिए तरस रही है।
