नज़फगढ़ के नवाब के नाम से विश्व विख्यात टीम इंडिया के पूर्व आतिशी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बड़े बेटे आर्यवीर पिता की राह पर चल पड़े हैं। आर्यवीर ने कूच विहार ट्रॉफी में दिल्ली के लिए खेलते हुए मेघालय के खिलाफ पिता के अंदाज में आतिशी दोहरा शतक जड़ा और एक विशिष्ट उपलब्धि अपने नाम कर ली।
आर्यवीर सहवाग (साभार Twitter)
229 गेंद में खेली 200 रन की नाबाद पारी
शिलांग के एमसीए क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे मुकाबले के दूसरे दिन आर्यवीर ने दोहरा शतक जड़ा। इससे पहले मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेघालय की टीम 260 रन बनाकर ढेर हो गई। इसके जवाब में खेलने उतरी दिल्ली की टीम को आर्यवीर और अर्नव बुग्गा ने शानदार शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 180 रन की साझेदारी की। बुग्गा शतक जड़कर आउट हुए लेकिन आर्यवीर दूसरे छोर पर डटे रहे है और एक शानदार दोहरा शतक जड़ दिया। दिन का खेल खत्म होने पर वो 229 गेंद में 200 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 34 चौके और 2 छक्के जड़े।
वीनू मांकड़ ट्रॉफी में टीम को दिलाई थी जीत
आर्यवीर ने इसी साल अक्तूबर में दिल्ली के लिए वीनू मांकड़ ट्रॉफी में शानदार शुरुआत की और मणिपुर के खिलाफ मुकाबले में 49 रन की पारी खेलकर दिल्ली को 6 विकेट से जीत दिलाई थी।
आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट करना चाहते हैं हासिल
सहवाग ने पिछले साल खुलासा किया था कि उनका बेटा पहले से ही आईपीएल अनुबंध हासिल करने का इच्छुक है। उन्होंने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा,'मेरा बेटा 15 साल का है और आईपीएल में खेलने का मौका पाने के लिए पहले से ही कड़ी मेहनत कर रहा है। आईपीएल ने युवा प्रतिभाओं को सबसे ज्यादा फायदा पहुंचाया है।'
आईपीएल से मिलता है टीम इंडिया में मौका
सहवाग ने आगे कहा, पहले,रणजी ट्रॉफी के प्रदर्शन पर किसी का ध्यान नहीं जाता था और इसलिए खिलाड़ी भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाते थे। लेकिन अब,अगर आप आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करते हैं और अपनी प्रतिभा दिखाते हैं,तो आपको तुरंत भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका मिलता है। आईपीएल की वजह से देश के छोटे राज्यों के बहुत से बच्चे क्रिकेट को गंभीरता से लेने लगे हैं और आईपीएल में भाग लेने और इसके लिए कड़ी मेहनत करने की पूरी कोशिश करते हैं।'
