भारत के पूर्व बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने कहा कि टी20 क्रिकेट से अगर आक्रामक टेस्ट खिलाड़ी उभरता है तो उन्हें कोई शिकायत नहीं होगी क्योंकि ऐसे बल्लेबाज दर्शकों को स्टेडियम खींचने में सफल होंगे।
वीरेंद्र सहवाग (Instagram)
भारत के सबसे सफल टेस्ट सलामी बल्लेबाजों में शामिल सहवाग को दिल्ली प्रीमियर लीग के शुरुआती सत्र का ब्रांड दूत बनाया गया है। उन्होंने कहा कि आप खेल के छोटे प्रारूप की तरफ आकर्षित होने का दोष युवाओं पर नहीं मढ़ सकते क्योंकि यह वित्तीय तौर व्यावहारिकता भी प्रदान करता है।
सहवाग ने लीग से जुड़े एक कार्यक्रम में कहा, "इंग्लैंड जिस तरह से टेस्ट क्रिकेट खेल रहा है, पांच रन प्रति ओवर की दर से रन बना रहा है। हमारे खेलने के दिनों में ऑस्ट्रेलिया लगभग चार रन प्रति ओवर की दर से रन बनाता था। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि यदि आप आक्रमण कर सकते हैं तो आप अपनी टीम को टेस्ट मैच जीतने के अधिक मौके देते हैं।’’
सहवाग से जब पूछा गया कि क्या जरूरत से ज्यादा टी20 लीग के आयोजन से युवा लाल गेंद प्रारूप से दूर हो रहे हैं तो उन्होंने कहा, "देखिए, मेरा बड़ा बेटा 17 साल का है और उसने दिल्ली अंडर 16 के लिए तीन दिवसीय क्रिकेट खेला है, लेकिन ऐसे बहुत से लड़के हैं जो उस मौके का इंतजार कर रहे होंगे। जब हम 18 साल के थे तो आईपीएल नहीं था। लेकिन, अब, एक युवा आईपीएल खेलने के बारे में सोच सकता है, और डीपीएल आपको वह मौका प्रदान करेगा।"
उन्होंने कहा, "अगर कोई खिलाड़ी आक्रामक खेल विकसित करता है जो टेस्ट के अनुकूल हो उसका समर्थन करना चाहिये। हम चाहते है कि लोग स्टेडियम में आकर टेस्ट मैच देखे।"
(भाषा इनपुट के साथ)
