भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर सीरीज का चौथा मैच भले ही ड्रॉ पर खत्म हुआ हो, लेकिन विराट कोहली की 186 रन की पारी ने इस टेस्ट को हमेशा के लिए यादगार बना दिया। विराट ने इस मैच लगभग 5 सेशन तक बल्लेबाजी की और 364 गेंद में 186 रन बनाए। उन्होंने अपनी इस पारी में केवल 15 चौके जड़े। यह उनके स्वभाव के बिल्कुल विपरित है। शायद यही वजह है कि उन्होंने इस पारी में अपने टेस्ट करियर का दूसरा सबसे स्लो शतक जड़ा। उन्होंने इसके लिए 241 गेंदे ली।
विराट कोहली और राहुल द्रविड़
1,205 दिन बाद टेस्ट में शतक
विराट को इस टेस्ट शतक के लिए 1,205 दिनों का लंबा इंतजार करना पड़ा। उन्होंने अपने टेस्ट करियर का 27वां शतक बांग्लादेश के खिलाफ पिंक टेस्ट में नवंबर 2019 में लगाया था। इतना ही नहीं अहमदाबाद में खेली गई उनकी यह पारी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर भी है। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 75वां शतक है।
मैच के बाद कोच से की बातचीत
मैच के बाद इस पारी को लेकर कोच राहुल द्रविड़ ने विराट कोहली से खास बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने कुछ दिल की बात शेयर की है, जिसे सुनकर कोच द्रविड़ को कहना पड़ा कि उन्होंने बड़ी ईमानदार से जवाब दिया।
कोहली ने बातचीत में कहा ‘ बहुत से लोग मुझसे पूछते हैं, ‘ आप इतने शतक कैसे बनाते हैं, मैं हमेशा कहता हूं कि मेरा लक्ष्य टीम के लिए जितना संभव हो उतनी अधिक देर तक बल्लेबाजी करना है और इस लक्ष्य को हासिल करने के दौरान ही शतक बना जाता है।’ कोहली यही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि 'वह माइलस्टोन के लिए कभी भी नहीं खेलते हैं और वह हमारे फोकस में कभी नहीं रहता। टीम की जरूरत जैसी होती है, मैं वैसा ही बल्लेबाजी करता है, जिससे मुझे ज्यादा खुशी होती है।'
