प्रेमानंद महाराज को लेकर दिनेश फलाहारी महाराज ने यह दावा करके बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है कि प्रॉपर्टी बिल्डर्स के एक ग्रुप ने क्रिकेटर विराट कोहली को वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम लाने के लिए 5 करोड़ का इंतजाम किया था। इस दावे के बाद से विराट कोहली के फैंस इस बात का इंतजार कर रहे थे कि कोहली की तरफ से इसको लेकर क्या सफाई आती है। अब विराट कोहली की टीम ने इस पर लिखित सफाई देते हुए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
विराट कोहली ने प्रेमानंद जी महाराज से मिलने के संबंध में लगाए गए फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा के आरोपों का खंडन किया (X/PTI)
विराट कोहली की टीम द्वारा जारी एक लिखित बयान में कहा गया है कि, "हम ये स्पष्ट रूप से साफ कर देना चाहते हैं कि फलाहारी दिनेश महाराज दिनेश शर्मा द्वारा विराट कोहली को लेकर जो दावे किए गए हैं वे पूरी तरह गलत हैं, उनका कोई आधार नहीं है और तर्क से परे हैं। विराट कोहली श्री प्रेमानंद जी महाराज के पास उनके ऊपर अपार विश्वास और उनके प्रति श्रद्धा है, इसलिए जाते हैं। हम मजबूती से इन दावों का खंडन करते हैं और मीडिया से गुजारिश करते हैं कि तथ्यों को बारीकी से परखें और रिपोर्टिंग में उचित सावधानी बरतते हुए ऐसे बयानों को बढ़ावा ना दें।"
गौरतलब है कि प्रेमानंद जी महाराज के एक शिष्य के निधन के बाद से जब विवाद बढ़ता गया, तब फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने आरोप लगाए कि जनवरी 2023 में विराट कोहली का दौरा संत की लोकप्रियता बढ़ाने और बिल्डर्स को जमीन बेचने में मदद करने के लिए किया गया एक पब्लिसिटी स्टंट था। हालांकि, इस दावे का समर्थन करने वाला कोई स्वतंत्र सबूत या प्रमाण नहीं है, और आश्रम के ट्रस्ट ने लोगों से इन बिना पुष्टि वाली अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है।
वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद और साफ हो गया है। 25 वर्षीय साधक के शव का पोस्टमार्टम 26 सितंबर को दोपहर 2 बजे से 2:40 बजे के बीच किया गया था। करीब 40 मिनट तक चली इस प्रक्रिया में डॉक्टरों ने शव की बाहरी और अंदरूनी दोनों तरह से जांच की। रिपोर्ट में शरीर पर मिले चोटों का भी जिक्र किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद उनकी मौत की वजह से जुड़े अहम तथ्य सामने आए हैं।
