Virat Kohli Controversy: कोलकाता के खिलाफ मुकाबले में आखिरी गेंद पर आरसीबी को एक रन से हार का सामना करना पड़ा। आखिरी ओवर में आरसीबी को 21 रन की दरकार थी, लेकिन आरसीबी 19 रन ही बना पाई। कर्ण शर्मा ने मिचेल स्टार्क को 3 छक्के तो लगाए लेकिन 20वें ओवर की 5वीं गेंद पर वह आउट भी हो गए। इतना करीबी मुकाबला हारने के बाद टीम के साथ-साथ फैंस का दिल भी टूटा। लेकिन इस मुकाबले में विराट कोहली के निर्णय ने विवाद पैदा कर दिया।
विराट कोहली (साभार-IPL)
विराट कोहली 6 गेंद में 18 रन बनाकर आउट हो गए थे। उन्हें हर्षित राणा ने कॉट एंड बोल्ड किया था। विराट ने इस फैसले के खिलाफ रिव्यू लिया क्योंकि उन्हें लगा कि गेंद उनके कमर से ऊंची थी और इसे नो बॉल दिया जाना चाहिए। लेकिन तीसरे अंपायर ने रिप्ले देखने के बाद हर्षित की उस गेंद को लीगल बताया और विराट को आउट करार दिया।
इस फैसले से विराट कोहली काफी नाराज दिखे और जाते समय उन्होंने गुस्से में अपना बल्ला जमीन पर भी दे मारा। इतना ही नहीं बाउंड्री लाइन के पार विराट ने अपने मुक्के से वहां रखा डस्टबिन भी गिरा दिया, लेकिन सवाल उठता है कि क्या विराट के साथ चीटिंग हुई या फिर उन्हें गलत निर्णय का खामियाजा भुगतना पड़ा। आखिर नो बॉल दिए जाने का नियम क्या है।
क्या है नो बॉल का नियम?
मैच के बाद इरफान पठान सहित आरसीबी के कप्तान ने भी माना कि विराट कोहली आउट थे। आइए जानते हैं कि नो बॉल का यह नियम आखिरी है क्या?
आधिकारिक नियम के अनुसार विराट कोहली का आउट दिया जाना बिल्कुल सही था, क्योंकि नियम के अनुसार किसी डिलीवरी को नो बॉल मानने के लिए, गेंद स्टेपिंग क्रीज को पार करते समय कमर की ऊंचाई पर होनी चाहिए। क्रीज के अंदर कोहली के कमर तक की ऊंचाई 1.4 मीटर है।
हर्षित राणा की गेंद को कोहली ने स्टेपिंग क्रीज से बाहर निकल कर खेला था, जहां गेंद उनके कमर की ऊंचाई पर थी। लेकिन जैसे ही यह स्टेपिंग क्रीज को पार कर गई, यह कमर की ऊंचाई से नीचे थी। आधिकारिक नियम के अनुसार इसे नो बॉल नहीं दिया जा सकता था और यह लीगल बॉल थी। यही कारण है कि विराट कोहली को आउट करार दिया गया। हालांकि, मैच के बाद भी यह देखा गया कि तीसरे अंपायर ने विराट को इस निर्णय के बारे में समझाया।
