बेंगलुरू: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के मुखिया वीवीएस लक्ष्मण ने रविवार को विराट कोहली की जमकर तारीफ की। उन्होंने कोहली को एक 'मिसाल कायम करने वाले प्रोफेशनल' और रोल मॉडल बताया। जो अपनी लगन और खेल का स्तर आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करते रहते हैं। लक्ष्मण ने कहा कि कोहली ने हमेशा अपने लिए ऊंचे मानक बनाए। विराट कोई भी टूर्नामेंट खेल रहे हैं और किसी भी टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हों वह हमेशा उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करते हैं।
वीवीएस लक्ष्मण और विराट कोहली (फोटो क्रेडिट AI Generated)
युवाओं के लिए आदर्श हैं विराट
बेंगलुरु में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लक्ष्मण ने पत्रकारों से कहा,'इसमें कोई शक नहीं है कि विराट एक मिसाल कायम करने वाले प्रोफेशनल खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपने लिए जो स्टैंडर्ड्स (मानक) तय किए हैं वो हर बार उन्हें पूरा करने की कोशिश करते हैं, चाहे वो किसी भी टीम के लिए खेल रहे हों। लक्ष्मण ने आगे रहा, प्रोफेशनलिज्म और खेल के प्रति उनके नजरिए ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का एक प्रभावशाली व्यक्ति बना दिया है, कई युवा खिलाड़ी उन्हें अपना आदर्श मानते हैं और उनके तरीकों को अपनाना चाहते हैं। विराट एक बेहतरीन रोल मॉडल हैं। मुझे लगता है कि बहुत से युवा या खिलाड़ी उनकी तरह बनना चाहते हैं।' कोहली ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान अनुशासन, फिटनेस, जोश और निरंतरता वाली पहचान बनाई है। इन्हीं खूबियों की वजह से विराट भारतीय क्रिकेट के आधुनिक दौर के सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक के रूप में स्थापित हो गए।
खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर उठ रहे हैं सवाल
लक्ष्मण ने भारत में खिलाड़ियों की चोटों को लेकर बढ़ती आलोचनाओं के बीच बीसीसीआई सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस का बचाव भी किया। कई प्रमुख खिलाड़ी अभी फिटनेस की समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिनमें तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, बल्लेबाज साई सुदर्शन, ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर और तेज गेंदबाज हर्षित राणा शामिल हैं। चोट के कारण ज्यादा खिलाड़ियों के टीम से बाहर रहने की वजह से वर्कलोड मैनेजमेंट और भारतीय क्रिकेटरों की फिटनेस जरूरतों को संभालने में सीओई की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
रिहैब से इतर भी सीओई के पास हैं काम
लक्ष्मण ने जोर देकर कहा कि चोटें प्रोफेशनल खेल का एक अपरिहार्य हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि किसी पर दोष मढ़ने के बजाय खिलाड़ियों की सही ढंग से निगरानी और मैनेजमेंट पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जिम्मेदारियां रिहैबिलिटेशन और चोट से उबरने में मदद करने से कहीं ज्यादा हैं। लक्ष्मण ने कहा, सीओई सिर्फ एक रिहैब सेंटर नहीं है। क्रिकेटरों को बेहतरीन प्रदर्शन करने में मदद करने के लिए इसकी भूमिका और भी बड़ी है। यह सुविधा खिलाड़ियों के विकास और उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद करने में बड़ी भूमिका निभाती है; स्पोर्ट्स साइंस, मेडिसिन, कंडीशनिंग और प्लेयर मैनेजमेंट इसके काम के अहम हिस्से हैं।
हेड ऑफ स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन की जगह है खाली
फिलहाल सीओई में 'हेड ऑफ स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन' (SSM) का पद भी खाली है। नितिन पटेल के जाने के बाद से बीसीसीआई इस पद को भरने के लिए संघर्ष कर रहा है। लक्ष्मण ने सही व्यक्ति को खोजने में आने वाली मुश्किलों को स्वीकार करते हुए कहा, इस भूमिका के लिए ऐसे उम्मीदवार की ज़रूरत है जिसके पास काफी अनुभव और कद हो और जो भारतीय क्रिकेटरों की खास जरूरतों को अच्छी तरह समझता हो। लक्ष्मण ने कहा,'नितिन (पटेल) के जाने के बाद हम उनकी जगह किसी और को नहीं ला पाए। सब कुछ तय हो गया था, लेकिन एंड्रयू (लीपस) ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए पीछे हटने का फैसला किया।'
