किस्मत ने एक गेंद से फिर दे दिया दगा, नहीं तो सबसे तेज शतक का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना जाते सूर्यवंशी

Vaibhav Sooryavanshi: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन जड़ दिए। हालांकि, वह छक्का मारने के चक्कर में आउट हो गए और अपना शतक पूरा नहीं कर पाए। अगर वह अपनी सेंचुरी पूरी कर लेते तो लिस्ट ए क्रिकेट में जेक फ्रेजर मैकगर्क के 29 गेंदों में सबसे तेज शतक के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर लेते।

Vaibhav Sooryavanshi: क्रिकेट जगत की नई सनसनी 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में श्रीलंका ए के खिलाफ ऐसा तूफान मचाया कि रिकॉर्ड बुक्स हिल गईं। 15 साल के इस किशोर बल्लेबाज ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन जड़ दिए। अगर वह शतक पूरा कर लेते तो लिस्ट ए क्रिकेट में जेक फ्रेजर मैकगर्क के 29 गेंदों में सबसे तेज शतक के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर लेते। वैभव ने महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर 21 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। 2005 में श्रीलंका के कौशल्या वीररत्ने ने 12 गेंदों में फिफ्टी बनाई थी।

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वैभव सूर्यवंशी (BCCI)

शुरू से ही आक्रामक थे वैभव

वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। पहली 5 गेंदों पर दो छक्के और तीन चौके जड़कर इरादे साफ कर दिए। उन्होंने तेज गेंदबाज दुलज समुदिता के ओवर में दो छक्के लगाकर 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से लगाए गए उनके तीन छक्के दर्शकों के लिए ट्रीट थे। पारी में कुल 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। वैभव नौवें ओवर में 132 के स्कोर पर मिड-ऑफ पर कैच आउट हुए। छक्का मारने की कोशिश में वह रिकॉर्ड से 6 रन दूर रह गए। अगर वह गेंद बाउंड्री पार जाती तो लिस्ट ए का सबसे तेज शतक उनके नाम होता। वैभव सूर्यवंशी भले ही 29 गेंद में शतक बनाने से चूक गए लेकिन 11 गेंदों में फिफ्टी का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर उन्होंने बता दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।

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