Vaibhav Sooryavanshi: दलीप ट्रॉफी के फाइनल में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने कमाल कर दिया है। वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया के स्टार गेंदबाज मोहम्मद सिराज के सामने चौके-छक्कों की बारिश कर दी। बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में साउथ जोन और ईस्ट जोन के बीच खिताबी जंग चल रही है। ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग चुनी और ओपनिंग की जिम्मेदारी वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन को दी। इसके बाद वैभव ने साउथ जोन के गेंदबाजों की जमकर खबर ली।
वैभव सूर्यवंशी का तूफान (फोटो साभार- BCCI Domestic)
फाइनल में आया वैभव नाम का तूफान
सेमीफाइनल के हीरो वैभव सूर्यवंशी पर एक बार फिर सबकी नजरें थीं। सेमीफाइनल में 92 रन जड़कर अपनी टीम को फाइनल में लाने वाले वैभव ने फाइनल में भी उसी अंदाज में शुरुआत की। उन्होंने सिराज के एक ओवर में पहले करारा चौका जड़ा और फिर अगली ही गेंद पर बैकफुट पर जाकर शानदार छक्का मार दिया। इसके बाद पूरा स्टेडियम वैभव-वैभव चिल्लाने लगा। वहीं सिराज भी वैभव की दिलेरी देखकर हैरान रह गए। हालांकि वैभव की आतिशी पारी ज्यादा लंबी नहीं चली। वह 37 गेंदों में 44 रन बनाकर आउट हो गए।
वैभव ने खेली तूफानी पारी
वैभव सूर्यवंशी ने अपनी छोटी सी पारी में 5 चौके और 1 छक्का लगाया और रेड बॉल क्रिकेट में 118 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। वैभव का विकेट भी काफी दुर्भाग्यपूर्ण रहा। चामा मिलिंद शॉर्ट गेंद डाल रहे थे और वैभव को पिछले 2-3 ओवर से स्ट्राइक नहीं मिल रही थी। दबाव कम करने के लिए उन्होंने पुल शॉट खेलना चाहा, लेकिन गेंद ज्यादा उछल गई और बल्ले के ऊपरी किनारे से लगकर हवा में चली गई। बाउंड्री पर खड़े साउथ जोन के फील्डर ने दाईं ओर भागते हुए एक बेहतरीन कैच पकड़कर उनकी पारी का अंत किया।
ईशान किशन ने जड़ा शतक
वैभव के आउट होने के बाद भी ईस्ट जोन ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत रखी। खबर लिखे जाने तक टीम ने 4 विकेट खोकर 350 से ज्यादा रनों का बड़ा स्कोर खड़ा कर लिया है। कप्तान ईशान किशन शतक जड़कर नाबाद हैं और कुमार कुशाग्र भी अर्धशतक लगाकर उनके साथ क्रीज पर मौजूद हैं। उनसे पहले अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 और शिखर मोहन ने 85 रनों की अहम पारियां खेलीं।
