Tendulkar Anderson Trophy 2025 Unveiled: भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जाने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 20 जून 2025 से होने वाली है। इस सीरीज की शुरुआत से पहले सचिन तेंदुलकर और जेम्स एंडरसन ने मिलकर तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी का अनावरण किया है। इस सीरीज का नाम हाल ही में पटौदी ट्रॉफी से बदलकर तेंदुलकर-एंडरसन कर दिया गया है। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज की ट्रॉफी का नाम बदलकर "एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी" रखे जाने के फैसले पर महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने पहली बार खुलकर बात की।
तेंदुलकर एंडरसन ट्रॉफी (फोटो- BCCI)
सचिन तेंदुलकर ने बताया कि जैसे ही उन्हें इस बारे में पता चला, उन्होंने सबसे पहले दिवंगत मंसूर अली खान पटौदी के परिवार से संपर्क किया और उन्हें आश्वस्त किया कि पटौदी की विरासत को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि "पटौदी ने पीढ़ियों को प्रेरित किया, उनका योगदान अविस्मरणीय।"जब मुझे पता चला कि पटौदी ट्रॉफी को रिटायर करके मेरे और जेम्स एंडरसन के नाम पर नई ट्रॉफी रखी जा रही है, तो मैंने तुरंत पटौदी परिवार से बात की। मैंने उन्हें बताया कि हम सभी को टाइगर पटौदी की विरासत को जीवित रखने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।"
पटौदी ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है
सचिन तेंदुलकर ने आगे कहा कि "टाइगर पटौदी ने क्रिकेट की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है। उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। मुझे खुशी है कि अब विजेता कप्तान को 'पटौदी उत्कृष्टता पदक' दिया जाएगा। इससे उनकी याद हमेशा बनी रहेगी।"
बीसीसीआई और ईसीबी के बीच हुई थी लंबी चर्चा
यह फैसला बीसीसीआई और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के बीच लंबी चर्चा के बाद लिया गया। तेंदुलकर ने बताया कि उन्होंने बीसीसीआई के पूर्व सचिव और आईसीसी के चेयरमैन जय शाह तथा ईसीबी अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की थी। उनके सुझाव पर ही पटौदी पदक का प्रस्ताव पास हुआ।
(भाषा इनपुट्स के साथ)
